मौसम का कहर: ठंड से कंपकपाने लगे लोग, शीतलहर ने बढ़ाई सर्दी, न्यूनतम तापमान में गिरावट से सड़कों पर सन्नाटा, स्कूलों में छुट्टी
बरेली में सर्दी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। शीतलहर के चलते न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। जिसके चलते ठिठुरन बढ़ गई है। मंगलवार रात बरेली का न्यूनतम तापमान 7.78 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, जो इस साल की सर्दी में अब तक का सबसे निचला स्तर है। सर्द हवाओं (शीतलहर) और कोहरे के कारण शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
बरेली। सर्दी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। शीतलहर के चलते न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। जिसके चलते ठिठुरन बढ़ गई है। मंगलवार रात बरेली का न्यूनतम तापमान 7.78 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, जो इस साल की सर्दी में अब तक का सबसे निचला स्तर है। सर्द हवाओं (शीतलहर) और कोहरे के कारण शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। शीतलहर के कारण बरेली में सुबह और रात के समय ठंड बेहद बढ़ गई है। लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं।
स्कूलों में 14 जनवरी तक अवकाश
ठंड में सड़कों पर सन्नाटा पसरा। सुबह और रात में सड़कों पर आवाजाही लगभग बंद हो गई है। इससे दैनिक मजदूरी करने वाले लोग और खुले में काम करने वाले श्रमिक ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।बढ़ती ठंड को देखते हुए इंटर कॉलेज और जूनियर हाइस्कूल स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। मगर, प्राइमरी स्कूल में 14 जनवरी तक छुट्टी की बात सामने आई है। हालांकि, तमाम कॉन्वेंट स्कूल में क्रिसमस और नए साल के जश्न को लेकर पहले ही 7 जनवरी तक छुट्टी थी।
न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट, बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक बरेली का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। सर्दी का यह स्तर सामान्य से 2-3 डिग्री कम है, तो वहीं अधिकतम तापमान भी 16-18 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। शीतलहर और ठंडी हवाओं के कारण आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।ठंड के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है। इससे कई इलाकों में बिजली कटौती हो रही है। ठंड से स्वास्थ्य पर असर
सर्दी के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मामले बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड के कारण बाजारों में ग्राहक कम दिख रहे हैं। इससे व्यापार प्रभावित हुआ है।
सर्दी से बचने के उपाय
गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें। घर के अंदर हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करें, लेकिन वेंटिलेशन का ध्यान रखें। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर सर्द हवाओं से बचाकर रखें। अदरक वाली चाय, सूप और हर्बल ड्रिंक्स जैसे गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।सरकारी रैनबसेरों में जरूरतमंद लोगों को ठहरने की सुविधा लें। हालांकि, शीतलहर से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। मगर, इसमें लकड़ी कम हैं। गरीब और बेघर लोगों के लिए रैनबसेरों का इंतजाम किया गया है।