बहेड़ी सीएचसी में डॉक्टरों की भारी कमी, मरीज परेशान | डॉ. संतोष राव को वापस लाने की मांग

बहेड़ी सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। ओपीडी खाली हैं और इलाज प्रभावित है। स्थानीय लोगों ने स्थानांतरित डॉ. संतोष राव को वापस बुलाने की मांग की है।

बहेड़ी सीएचसी में डॉक्टरों की भारी कमी, मरीज परेशान | डॉ. संतोष राव को वापस लाने की मांग
HIGHLIGHTS:

➡️ बहेड़ी सीएचसी में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी
➡️ अधिकांश ओपीडी कक्ष खाली, मरीज लौट रहे मायूस
➡️ समय पर ड्यूटी नहीं करने का आरोप
➡️ डॉ. संतोष राव के तबादले के बाद बिगड़े हालात
➡️ स्थानीय लोगों की उन्हें वापस लाने की मांग
➡️ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

हसीन दानिश/ जन माध्यम

बरेली। बहेड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की गंभीर कमी से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश ओपीडी कक्ष खाली पड़े रहते हैं, जिससे बहेड़ी कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज इलाज के अभाव में निराश होकर वापस लौट जाते हैं। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को जनहित का मुद्दा बताते हुए स्वास्थ्य विभाग से तत्काल डॉक्टरों की तैनाती और स्थानांतरित किए गए लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. संतोष राव को वापस बहेड़ी भेजने की मांग की है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीएचसी में तैनात कुछ चिकित्सक भी समय पर नहीं आते और न ही निर्धारित समय तक ड्यूटी करते हैं, जिससे मरीजों को निजी क्लीनिकों या दूर के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। कुछ समय पहले तक यहां तैनात डॉ. संतोष राव समय पर उपस्थित होकर पूरे मनोयोग से मरीजों का इलाज करते थे। उनके कार्यकाल में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मरीजों की भीड़ लगी रहती थी और लोग उनके इलाज से पूरी तरह संतुष्ट थे। लेकिन अचानक उनका तबादला कर दिया गया, जिससे अस्पताल की स्थिति और बिगड़ गई। मरीज अब भी डॉ. संतोष राव के बारे में पूछताछ करते हैं।

बहेड़ी सीएचसी पर क्षेत्र की बड़ी आबादी निर्भर है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण यहां की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। डॉक्टरों की कमी दूर करने के साथ-साथ डॉ. संतोष राव को वापस तैनात किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर इलाज मिल सके।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं और कमजोर हो सकती हैं।