कानून से भागने वालों की खैर नहीं: एसएसपी

विशेष अभियान में बरेली पुलिस की बड़ी सफलता, 301 वारंटी पहुंचे जेल

कानून से भागने वालों की खैर नहीं: एसएसपी
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य की आधिकारिक तस्वीर।
HIGHLIGHTS:

कानून से आंख-मिचौली पड़ी भारी, चार दिन में सैकड़ों वारंटी गिरफ्तार

फरार अपराधियों की तलाश में चला विशेष अभियान, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

जिसे अदालत खोज रही थी, उसे पुलिस ने ढूंढ़ निकाला

जनपदभर में एक साथ चली दबिश, वारंटियों पर टूटा पुलिस का शिकंजा

जन माध्यम
बरेली।
कानून की चौखट से बार बार बच निकलने की कोशिश कर रहे फरार अभियुक्तों के लिए पुलिस का हालिया अभियान किसी बड़े झटके से कम साबित नहीं हुआ। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में चलाए गए चार दिवसीय विशेष अभियान ने यह साबित कर दिया कि न्याय की राह भले कुछ समय के लिए रुक जाए, लेकिन उसका सफर कभी थमता नहीं है। परिणामस्वरूप चार दिनों में 301 ऐसे अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी थे और जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे। दो जुलाई से छह जुलाई तक चले इस अभियान में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य किया। दिन रात की तलाश, लगातार दबिश और सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि वर्षों से फरारी काट रहे अनेक अभियुक्त कानून के शिकंजे में आ गए। यह अभियान केवल गिरफ्तारी का आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति पुलिस की जवाबदेही और प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण भी है। अभियान के दौरान थाना बारादरी ने सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 41 वारंटियों को गिरफ्तार किया। थाना नवाबगंज ने 24 तथा थाना आंवला ने 22 अभियुक्तों को पकड़कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इन थानों की सक्रियता और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने संबंधित थाना प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों के मनोबल को भी बढ़ाएगा, जो कठिन परिस्थितियों में भी कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।

वहीं दूसरी ओर अभियान की समीक्षा के दौरान थाना प्रेमनगर, शेरगढ़, भमोरा और सिरौली का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर एसएसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। यह संदेश पुलिस महकमे के भीतर जवाबदेही की भावना को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। एसएसपी अनुराग आर्य का कार्यकाल लगातार परिणाम आधारित पुलिसिंग के लिए चर्चा में रहा है। उनकी प्राथमिकता केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कानून के प्रति भय और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम करना भी है। यही कारण है कि फरार वारंटियों के खिलाफ चलाया गया यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कानून के सम्मान की पुनर्स्थापना का प्रयास बनकर सामने आया है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे। जो अभियुक्त न्यायालय की प्रक्रिया से बचने के लिए फरार हैं, उन्हें चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। उनका यह संदेश साफ है कि कानून से बचने का हर प्रयास अस्थायी हो सकता है, लेकिन कानून की पहुंच स्थायी और प्रभावी है। पुलिस की यह कार्रवाई आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का भाव पैदा करने वाली है। साथ ही यह उन लोगों के लिए चेतावनी भी है जो अदालत के आदेशों को हल्के में लेते हैं। चार दिनों में 301 गिरफ्तारियां इस बात का प्रमाण हैं कि जब नेतृत्व दृढ़ इच्छाशक्ति वाला हो और पूरी टीम एक लक्ष्य के साथ कार्य करे, तब न्याय की राह में खड़ी सबसे बड़ी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं।  एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में चला यह अभियान निस्संदेह जनपद में कानून के राज को और अधिक मजबूत करने वाला कदम साबित हुआ है।