राइस मिल घोटाला,रिश्तेदार आरोपी
बहेड़ी राइस मिल घोटाले में जांच के दौरान विधायक अताउर रहमान की बहन और बहनोई की 30% हिस्सेदारी सामने आने पर मामला और संवेदनशील हुआ।
➡️ जांच में विधायक के रिश्तेदारों की 30% हिस्सेदारी का खुलासा
➡️ राइस मिल घोटाले में नया मोड़
➡️ वित्तीय दस्तावेज़ों से मिली अहम पुष्टि
➡️ पुलिस जल्द करेगी वैधानिक कार्रवाई
➡️ राजनीतिक और पारिवारिक जटिलताओं के बीच जांच तेज
जांच में खुलासा, विधायक अताउर रहमान की बहन और बहनोई की 30% हिस्सेदारी मिली
जन माध्यम
बरेली।बहेड़ी के बहुचर्चित 3.15 करोड़ रुपये के एचके इंडस्ट्री राइस मिल सौदे की जांच अब नए और संवेदनशील दौर में प्रवेश कर गई है। पुलिस ने इस मामले में सपा विधायक अताउर रहमान की बहन फरजाना और बहनोई प्रोफेसर रिटायर नसीम अख्तर को भी आरोपी बना लिया है। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों के पास मिल की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
मामला 16 अक्टूबर 2023 को तब सामने आया जब नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन हाजी जमील अहमद के पुत्र सलीम अख्तर ने थाना बहेड़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मदपुर रोड स्थित एचके इंडस्ट्री राइस मिल को 2 नवंबर 2020 को 3.15 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। इसमें 1.20 करोड़ रुपये चेक के माध्यम से नैनीताल बैंक में जमा किए गए, जबकि शेष राशि नकद दी गई। सौदे में यह शर्त भी थी कि उसी दिन मिल का कब्जा खरीदार को दे दिया जाएगा, लेकिन साझेदार लगातार विलंब करते रहे। जांच के दौरान सीओ बहेड़ी अरुण कुमार के नेतृत्व में विवेचक एसआई धर्मेंद्र सिंह ने मिल के साझेदारी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले। इस प्रक्रिया में विधायक अताउर रहमान की बहन फरजाना और बहनोई नसीम अख्तर की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के ठोस साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर उनका नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया। सीओ अरुण कुमार ने बताया, फरजाना और नसीम अख्तर की हिस्सेदारी व लेन देन से जुड़े ठोस प्रमाण मिले हैं। विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
सपा विधायक अताउर रहमान ने इस प्रकरण में अपना पक्ष रखते हुए कहा, मेरा इस पूरे मामले से कोई लेना देना नहीं है। यह शिकायतकर्ता और रिश्तेदारों के बीच का निजी पारिवारिक व आर्थिक विवाद है।
पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जल्द की जाएगी। इस नए मोड़ ने मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक जटिलताओं को और बढ़ा दिया है, जिससे बहेड़ी राइस मिल घोटाले की गुत्थी और उलझती दिखाई दे रही है।