मोहर्रम मेले के रास्तों की बदहाली से परेशानी

बरेली के बाकरगंज स्थित ऐतिहासिक मोहर्रम मेले तक पहुंचने वाले मार्गों पर जलभराव, कीचड़ और गंदगी से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मोहर्रम मेले के रास्तों की बदहाली से परेशानी
बाकरगंज मोहर्रम मेले के मार्ग पर जलभराव और कीचड़
HIGHLIGHTS:

• बाकरगंज मोहर्रम मेले तक पहुंचने वाले मार्गों की हालत खराब।

• जलभराव और कीचड़ से श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी।

• क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत और सफाई की मांग की।

जन माध्यम
बरेली।
मोहर्रम की तैयारियों के बीच बरेली के बाकरगंज स्थित ऐतिहासिक मोहर्रम मेले तक पहुंचने वाले मार्गों की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। जलभराव, कीचड़ और गंदगी के चलते लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

थाना किला क्षेत्र स्थित बाकरगंज का मोहर्रम मेला वर्षों से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां शहर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद ताजिए पेश करने और धार्मिक रस्मों में शामिल होने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मेले तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार हुसैन बाग कटघर मार्ग सबसे अधिक प्रभावित है। उनका कहना है कि कई माह पूर्व सड़क को खोदा गया था, लेकिन कार्य पूरा नहीं कराया गया। बरसात शुरू होते ही यह मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मोहर्रम के दौरान ताजिए, अलम और अन्य धार्मिक प्रतीकों के साथ गुजरने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्र के अन्य मार्गों पर भी जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल सफाई अभियान चलाने तथा क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द आवश्यक कदम उठाकर मार्गों को दुरुस्त करेगा, ताकि मोहर्रम की धार्मिक रस्में सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।