मां की सूनी गोद में फिर लौटी मुस्कान

मनौना मंदिर से अगवा डेढ़ साल के ऋषभ को मौत के सौदागरों के चंगुल से छुड़ाया

मां की सूनी गोद में फिर लौटी मुस्कान
HIGHLIGHTS:

रातभर चली पुलिस की घेराबंदी ने बच्चा चोर गिरोह की सांसें रोक दीं, मासूम ऋषभ सकुशल बरामद

जिस मासूम को सौदे की वस्तु समझा गया, उसे बरेली पुलिस ने मौत के मुंह से खींच निकाला

एसएसपी अनुराग आर्य की सख्ती के आगे टूटे बदमाश, मां की गोद में फिर लौटी जिंदगी की मुस्कान

आंवला। बरेली।आंवला के मनौना श्याम मंदिर में रविवार दोपहर अचानक उठी एक चीख ने पूरे इलाके को हिला दिया था। डेढ़ साल का मासूम ऋषभ अपनी मां की गोद से दूर हो चुका था। मंदिर परिसर में बिखरी चप्पलें, रोती हुई मां और बदहवास पिता की आंखों में सिर्फ एक सवाल था आखिर हमारा बच्चा कहां है? लेकिन शायद उन दरिंदों को यह अंदाजा नहीं था कि उन्होंने किसी गरीब की औलाद नहीं, बल्कि जिले पुलिस की चुनौती को छुआ है। एसएसपी अनुराग आर्य ने जैसे ही इस वारदात की खबर सुनी, पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। पुलिस की पांच टीमें रात दिन सड़कों पर उतर आईं। सीसीटीवी कैमरों की धुंधली तस्वीरों से लेकर खेतों, ढाबों और सुनसान रास्तों तक पुलिस ने हर उस साए का पीछा किया, जहां इंसानियत का कोई दुश्मन छिपा हो सकता था। मंगलवार आधी रात अलीगंज रोड पर जब पुलिस ने बाइक सवार अपहरणकर्ताओं को घेरा, तो अपराधियों ने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। एक गोली हेड कांस्टेबल उमेश की बांह चीरती हुई निकल गई, लेकिन वर्दी का जज्बा नहीं डिगा। जवाब में पुलिस की गोलियां गरजीं और बच्चा बेचने निकले दोनों गुनहगार सड़क पर तड़पते नजर आए।
जिस मासूम को पैसों के लिए बाजार में बेचने की साजिश रची जा रही थी, वह उसी सड़क पर घायल हालत में पड़ा था। बदमाशों की बाइक गिरते ही ऋषभ भी सड़क पर जा गिरा। पुलिसकर्मियों ने जब उस मासूम को अपनी बाहों में उठाया, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। मासूम के सिर पर हल्की चोट थी, मगर वह सुरक्षित था। शायद ऊपरवाले ने उसकी किस्मत में अभी मां की गोद लिखी थी। गिरफ्तार आरोपी योगेश और पवन सिंह कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि इंसानियत के चेहरे पर लगा वह काला धब्बा हैं, जो मासूम बच्चों की जिंदगी को सौदे की चीज समझते हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चे को बेचने की फिराक में थे। यह सच सिर्फ डराता नहीं, बल्कि समाज के उस अंधेरे चेहरे को उजागर करता है, जहां इंसान पैसे के लिए हैवान बन जाता है।
एलएलएम इस पूरे ऑपरेशन ने एक बात साफ कर दी कि एसएसपी अनुराग आर्य सिर्फ कुर्सी पर बैठकर आदेश देने वाले अफसर नहीं, बल्कि अपराधियों की रगों में डर बनकर दौड़ने वाला नाम बन चुके हैं। जिस तेजी और आक्रामक अंदाज में पुलिस ने मासूम ऋषभ को सकुशल बरामद किया, उसने यह संदेश दे दिया कि अब जिले में मासूमों की तरफ उठने वाली हर गंदी नजर का जवाब पुलिस की गोलियों और सलाखों से मिलेगा।
जब अस्पताल में मां ने अपने बच्चे को सीने से लगाया, तो वहां मौजूद हर आंख भर आई। वह सिर्फ एक मां की जीत नहीं थी, बल्कि उस वर्दी की जीत थी, जिसने एक गरीब परिवार की बुझती दुनिया को फिर रोशन कर दिया।

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि थाना आंवला क्षेत्र के ग्राम मनौना से अपहृत डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ को सकुशल बरामद कर लिया। पांच टीमों ने सीसीटीवी, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। मंगलवार रात मुठभेड़ में आरोपी योगेश और पवन पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किए गए। दोनों के कब्जे से अवैध तमंचे बरामद हुए हैं। घायल कांस्टेबल सहित आरोपियों का उपचार जारी है, जबकि बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा