बहेड़ी: जन सुनवाई में दिखी संवेदनशीलता, नेत्रहीन महिला को तत्काल मिला अंत्योदय राशन कार्ड
हेड़ी तहसील में जन सुनवाई के दौरान आई ग्राम बिजौरिया की नेत्रहीन महिला नीरज कुमारी की समस्या का एसडीएम इशिता किशोर और तहसीलदार भानू प्रताप सिंह ने तत्काल समाधान कराया और आपूर्ति विभाग की मदद से अंत्योदय राशन कार्ड सौंपा।
आर्थिक तंगी से जूझ रही ग्राम बिजौरिया निवासी नेत्रहीन महिला नीरज कुमारी के पास नहीं था अंत्योदय कार्ड।
* जन सुनवाई में मामला सामने आते ही एसडीएम इशिता किशोर ने आपूर्ति विभाग से तत्काल कराया कार्ड जारी।
* अधिकारियों ने कहा- पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता।
बहेड़ी (बरेली)। तहसील बहेड़ी में आयोजित जन सुनवाई के दौरान प्रशासन की बड़ी संवेदनशीलता सामने आई है। अधिकारियों ने आर्थिक तंगी से जूझ रही एक नेत्रहीन महिला की फरियाद पर तत्काल संज्ञान लेते हुए महज कुछ ही देर में उनका अंत्योदय राशन कार्ड बनवाकर उनके हाथों में सौंप दिया।
अंत्योदय कार्ड न होने से खाद्यान्न योजना से थीं वंचित
जानकारी के मुताबिक, ग्राम बिजौरिया निवासी नेत्रहीन महिला नीरज कुमारी मंगलवार को तहसील में आयोजित जन सुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंची थीं। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अत्यंत गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनका अंत्योदय राशन कार्ड नहीं बना है, जिसकी वजह से उन्हें सरकार की मुफ्त और रियायती खाद्यान्न योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
एसडीएम और तहसीलदार ने मौके पर ही कराया समाधान
नेत्रहीन महिला की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) इशिता किशोर और तहसीलदार भानू प्रताप सिंह ने तत्काल आपूर्ति विभाग की टीम को निर्देशित किया। विभागीय अधिकारियों के समन्वय से त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला का अंत्योदय राशन कार्ड मौके पर ही तैयार कराया गया।
इसके बाद एसडीएम इशिता किशोर और तहसीलदार भानू प्रताप सिंह ने खुद नीरज कुमारी को उनका राशन कार्ड सौंपा और भविष्य में भी शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर दिलाने का भरोसा दिया। अपना राशन कार्ड पाकर भावुक हुई महिला ने प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।
एसडीएम और तहसीलदार ने कहा: "जन सुनवाई का असली उद्देश्य यही है कि आम जनता, खासकर असहाय और दिव्यांगजनों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान हो। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है।"