दो साल में हर घर में शुद्ध जल
बरेली में अमृत 2.0 से 76,465 घरों तक पहली बार पाइप से शुद्ध जल, 51% से 92% कवरेज, 265 करोड़ की योजना शुरू।
➡️ 76,465 घरों तक पहली बार नल से शुद्ध पानी
➡️ सिर्फ 2 साल में पूरा होगा काम
➡️ 19 नए ओवरहेड टैंक और 37 नलकूप
➡️ 302 किलोमीटर नई पाइपलाइन
➡️ 51% से 92% तक कवरेज बढ़ेगा
➡️ मासिक सिर्फ ₹130 में शुद्ध जल
➡️ 265 करोड़ की ऐतिहासिक योजना शुरू
अमृत 2.0 परियोजना से 76 हजार से अधिक घरों तक पहली बार पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। शहर के लाखों नागरिकों के लिए अब पीने का शुद्ध पानी सिर्फ सपना नहीं रहेगा। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 परियोजना के तहत बरेली के 76,465 घरों तक पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति पहुंचाई जाएगी। दो वर्षों में शहरी जल संकट की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में 19 नए ओवरहेड टैंक, 37 नलकूप, 302 किलोमीटर वितरण पाइपलाइन और 76465 नए गृह संयोजन स्थापित किए जाएंगे। इससे शहर के 40 से अधिक वार्डों में दशकों से चली आ रही आंशिक जलापूर्ति की समस्या समाप्त होगी। वर्तमान में शहर का पेयजल संतृप्ति स्तर 51 प्रतिशत है, जिसे इस योजना से बढ़ाकर 92 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। जल निगम ने वर्ष 2022-23 में उन क्षेत्रों का सर्वे किया था जहां शुद्ध जल उपलब्ध नहीं था। 265 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में ग्राउंड वाटर रिचार्ज संरचनाएं भी शामिल हैं, जिससे दीर्घकालिक जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। नए कनेक्शन पर मासिक टैरिफ 130 रुपये प्रस्तावित है, जिसे भविष्य में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। डीएम ने कहा, यह परियोजना बरेली के लिए ऐतिहासिक सौगात है। अब किसी भी परिवार को पीने के पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। असंतृप्त क्षेत्रों में प्राथमिकता से कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि नागरिकों को वर्षों पुरानी जल समस्या से राहत मिल सके। अमृत 2.0 न केवल पेयजल की कमी को दूर करेगा, बल्कि शहरवासियों के जीवन में स्थायी बदलाव लाएगा। यह योजना तकनीकी दृष्टि से आधुनिक और दीर्घकालिक समाधान पेश करती है, जो बरेली को शुद्ध पानी की स्थायी उपलब्धता की दिशा में अग्रसर करेगी।