बरेली में दहेज की बलि: शादी के 27 दिन बाद नवविवाहिता ज्योति की संदिग्ध मौत

बरेली के थाना किला क्षेत्र में शादी के कुछ ही दिनों बाद नवविवाहिता ज्योति सैनी की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। पीड़ित पिता न्याय की गुहार लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे हैं।

बरेली में दहेज की बलि: शादी के 27 दिन बाद नवविवाहिता ज्योति की संदिग्ध मौत
HIGHLIGHTS:

➡️ शादी के 27 दिन बाद नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत
➡️ पिता का आरोप: दहेज में चार पहिया की मांग को लेकर हत्या
➡️ शव पर गंभीर चोटों के निशान, छत से धक्का देने का आरोप
➡️ पति, सास, जेठ, ननद समेत कई परिजन नामजद
➡️ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पिता ने लगाई न्याय की गुहार

डेस्क/ जन माध्यम

बरेली।
दहेज की लालसा ने एक और घर की खुशियां छीन लीं। शादी के महज कुछ ही दिनों बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। थाना किला क्षेत्र के मोहल्ला गर्दैया निवासी राजेश कुमार अपनी इकलौती बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनकी आंखों के आंसू और कांपती आवाज ही उस दर्द की गवाही दे रही थी, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।

राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 1 नवंबर को अपनी बेटी ज्योति सैनी का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से लव शर्मा के साथ किया था। बेटी की खुशहाल जिंदगी के सपने देखते हुए उन्होंने करीब आठ लाख रुपये से अधिक का दान-दहेज दिया, जिसमें मोटरसाइकिल और तमाम घरेलू सामान शामिल था। मगर ससुराल पहुंचते ही ज्योति की जिंदगी नर्क बन गई। कम दहेज लाने के ताने, चार पहिया वाहन की मांग और रोज़ की प्रताड़ना उसकी सांसों पर भारी पड़ने लगी।

परिजनों का कहना है कि ज्योति कई बार फोन पर रोते हुए मायके वालों से अपनी पीड़ा साझा करती थी। 27 नवंबर की रात पिता और रिश्तेदार उसे समझाने ससुराल पहुंचे, मगर बात नहीं बनी। दो दिन बाद सुबह फोन आया कि ज्योति की तबीयत खराब है। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते वह हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी।

माता-पिता का आरोप है कि 28 नवंबर की रात दहेज की मांग को लेकर पति, सास, जेठ, ननद और नंदोई ने मिलकर ज्योति को बेरहमी से पीटा और छत से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे—टूटी पसलियां, क्षत-विक्षत शरीर और वह मासूम चेहरा, जो कभी सपनों से भरा था।

आज एक पिता न्याय की चौखट पर खड़ा है, मां की गोद सूनी है और सवाल वही है—क्या दहेज की भूख यूं ही बेटियों को निगलती रहेगी? पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि ज्योति को इंसाफ मिल सके और किसी और घर की बेटी इस क्रूरता की शिकार न बने।