महजबीन को न्याय तक चैन नहीं

एडवोकेट महजबीन की मौत के मामले में सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बरेली कलेक्ट्रेट पर वकीलों ने धरना और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

महजबीन को न्याय तक चैन नहीं
HIGHLIGHTS:

➡️ महजबीन की मौत के मामले में कलेक्ट्रेट पर वकीलों का धरना
➡️ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू
➡️ पति और सास जेल में, अन्य आरोपी अब भी फरार
➡️ पुलिस कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल
➡️ सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
➡️ गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

डेस्क/ जन माध्यम

बरेली।

बरेली में एडवोकेट महजबीन की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध तेज हो गया। एडवोकेट अक्षना अंसारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता और परिजन धरने पर बैठ गए और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।


पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल

धरने के दौरान मीडिया से बात करते हुए अक्षना अंसारी ने कहा कि मामले में मृतका के पति और सास को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन अन्य नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। परिजन लगातार उच्च अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस शेष आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही, जिससे न्याय प्रक्रिया अधूरी नजर आ रही है।


दर्ज मुकदमा और नामजद आरोपी

अक्षना अंसारी ने बताया कि 27 सितंबर को प्रेमनगर थाना क्षेत्र में डॉक्टर मोहम्मद ताल्हा, डॉ. मेहंदी हसन सकलानी, मोहम्मद हमजा, मोहम्मद उजमा, सादमा, चमन और फैजान के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने अब तक सिर्फ पति और सास को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।


चेतावनी और आंदोलन की राह

धरने पर मौजूद अधिवक्ताओं और परिजनों ने दो टूक कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक न धरना खत्म होगा और न ही भूख हड़ताल। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और मृतका के परिजन मौजूद रहे।