गौवंश सुरक्षा पर मण्डल की सख्त समीक्षा
बरेली मंडल में गौवंश सुरक्षा पर सख्त समीक्षा, रेडियम बेल्ट और आश्रय सुधार के निर्देश जारी।
➡️ कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
➡️ बरेली–बदायूं में 2583 गौवंशों को रेडियम बेल्ट पहनाई गई
➡️ सड़क किनारे घूमते गौवंश तुरंत संरक्षित करने के निर्देश
➡️ मंडल में 638 गोआश्रय स्थल, 90 पर कैमरे लगे और 138 में प्रक्रिया जारी
➡️ 28615 गौवंशों को पोषण और सहभागिता योजना के तहत सुपुर्दगी
➡️ ठंड से बचाव, हरे चारे, भूसा और स्वच्छ पानी पर विशेष ध्यान
➡️ दुर्घटनाओं में कमी और मानव-पशु सुरक्षा सुनिश्चित
रेडियम बेल्ट से दुर्घटना रोकथाम, सड़क किनारे गौवंशों के संरक्षण के निर्देश
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता तथा नोडल अधिकारी पशुपालन विभाग डॉ. जी.के. सिंह की उपस्थिति में पशुपालन विभाग और गौशाला निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आज विकास भवन के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में गौशालाओं की सुविधाओं, पशुओं की देखभाल और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।नोडल अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गौशालाओं में ठंड से बचाव, हरे चारे की उपलब्धता, भूसा, स्वच्छ पीने के पानी, पशुओं के उपचार और चिकित्सा व्यवस्था की गहन जांच की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। बैठक में अवगत कराया गया कि मंडल में कुल 638 गोआश्रय स्थल संचालित हैं बरेली में 114, बदायूं में 317, पीलीभीत में 66 और शाहजहांपुर में 141। इनमें से 90 गोआश्रय स्थलों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिनमें 73 इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। वहीं 138 नए स्थलों पर कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है। सहभागिता योजना और पोषण मिशन के तहत अब तक 28615 गौवंशों की सुपुर्दगी की जा चुकी है, जिनमें से 22459 गौवंश वर्तमान में लाभार्थियों के पास संरक्षित हैं। सबसे महत्वपूर्ण पहल के तौर पर बरेली–बदायूं में 2583 गौवंशों को रेडियम बेल्ट पहनाई गई है, जिससे सड़क पर चलते या बैठे जानवरों को वाहन चालक दूर से ही देख सकें। इससे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और इंसान व पशु दोनों सुरक्षित रहेंगे। अन्य जिलों में धनराशि उपलब्ध होते ही यह योजना शुरू की जाएगी।
कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सड़क किनारे घूमते गौवंशों को तुरंत संरक्षित किया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा और गौवंश कल्याण—दोनों सुनिश्चित हो सकें। बैठक में मंडल के सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया।