मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित

बरेली कलेक्ट्रेट में मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित। जिलाधिकारी ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जानकारी दी।

मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित
मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित
मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित
मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित
HIGHLIGHTS:

मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित

जिलाधिकारी ने महिलाओं और छात्राओं से किया संवाद

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठे सवाल

शाहाबुद्दीन । जन माध्यम

बरेली। सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर जब सीधे लोगों तक पहुंचती हैं, तभी उनका असली मकसद पूरा होता है। बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसी जुड़ाव की तस्वीर देखने को मिली।

02 अप्रैल 2026 को मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में "हक की बात जिलाधिकारी के साथ" और शक्ति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा, संरक्षण अधिकारी सौरभ सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। साथ ही वन स्टॉप सेंटर और महिला सशक्तिकरण से जुड़े पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। इसमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना जैसी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।

कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सुभाषनगर की छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। छात्राओं ने सिविल सेवा, सेना और पुलिस सेवा में जाने को लेकर सवाल पूछे, जिनका जिलाधिकारी ने विस्तार से जवाब दिया और उन्हें तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान कई मामलों को मौके पर ही निस्तारित करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनपद स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हालांकि ऐसे कार्यक्रमों में योजनाओं की जानकारी दी जाती है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या ये योजनाएं वास्तव में हर जरूरतमंद तक पहुंच रही हैं? क्या लाभार्थियों को बिना बाधा के पूरा लाभ मिल पा रहा है, या फिर जमीनी स्तर पर अब भी कई खामियां बनी हुई हैं?