ठंडी हुई रातें गर्म हुए चोर
शाही के तुरसापट्टी में चोरों ने दानवीर के घर तिजोरी तोड़ी, 50 हजार नकद, सोने के गहने, 3 मोबाइल ले उड़े, पुलिस गश्त गायब।
➡️ तुरसापट्टी में दानवीर के घर चोरी
➡️ तिजोरी तोड़कर 50 हजार और सोना ले गए
➡️ 3 मोबाइल, हार, नथ, मांगटीका सब साफ
➡️ बच्चे डर से रो रहे, पापा चोर आएंगे?
➡️ पुलिस पिकेट नाम का, गश्त नदारद
➡️ इलाका चोरों के हवाले, लोग दहशत में
तुरसापट्टी में दानवीर के घर तिजोरी टूटी,नकद गहने मोबाइल साफ
जन माध्यम
शाही।बरेली। शाही, ठंडी की पहली हवा के साथ ही देहात में चोरों की सक्रियता बढ़ गई है, लेकिन अफ़सोस थाना पुलिस उसी रफ़्तार से निष्क्रिय हो चुकी है। गांव में एक के बाद एक हो रही चोरी की बड़ी घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि चोरों के हौसले आसमान पर और पुलिस का मनोबल ज़मीन पर नजर आता है।
शनिवार की रात तुरसापट्टी गांव के दानवीर के घर पर जो हुआ, उसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। परिजन गहरी नींद में थे, और उसी दौरान अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर तिजोरी का ताला तोड़ डाला। अंदर रखे 50 हजार रुपये नगद, सोने का हार, नथ, मांग-टीका, लोक कुंडल और तीन मोबाइल सब कुछ साफ कर ले गए।सुबह जब दानवीर ने टूटी तिजोरी और बिखरे सामान को देखा, तो उनके होश उड़ गए। घर में मातम जैसा माहौल था। दानवीर की कांपती आवाज़ में दर्द साफ झलक रहा था रात भर हम सोये रहे… और चोर हमारा सब कुछ ले गए। पुलिस कहाँ थी?गांव में यह एक घटना नहीं है। लगातार हो रही चोरियों ने लोगों के दिल में डर बसा दिया है। बच्चे तक रात में रोकर पूछते हैं,पापा… चोर फिर आएंगे क्या? लोग कहते हैं कि पुलिस पिकेट सिर्फ नाम का है। ना गश्त दिखती है, ना कोई रोक टोक। चोर आराम से आते हैं, सामान उठाते हैं और चलते बनते हैं जैसे पूरा क्षेत्र उनके हवाले हो।
पुलिस ने भले अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली हो, लेकिन लोगों की पीड़ा कहीं गहरी है। हर घर में एक ही सवाल गूंज रहा है,हम कब तक डर डरकर जियेंगे?
कब जागेगी पुलिस? तुरसापट्टी की यह घटना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा है। अब जरूरी है कि पुलिस अपनी नींद तोड़े, गश्त बढ़ाए और चोरों को पकड़कर लोगों का भरोसा वापस दिलाए वरना यह डर हर रात और गहरा होगा।