ध्यान से मिलती है मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग में निःशुल्क ध्यान एवं मेडिटेशन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने ध्यान को तनाव मुक्ति और मानसिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया।
ध्यान को तनाव मुक्ति और मानसिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया गया।
नियमित मेडिटेशन से एकाग्रता, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता बढ़ती है।
सीसीएसयू के योग विज्ञान विभाग में प्रतिदिन निःशुल्क ध्यान सत्र आयोजित हो रहे हैं।
जन माध्यम
मेरठ।आधुनिक जीवन की भागदौड़, बढ़ती जिम्मेदारियों और लगातार बढ़ रहे मानसिक दबाव के बीच ध्यान (मेडिटेशन) स्वस्थ और संतुलित जीवन की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित ध्यान न केवल तनाव और चिंता को कम करता है, बल्कि व्यक्ति के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ध्यान के नियमित अभ्यास से एकाग्रता, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। मानसिक संतुलन मजबूत होने से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कर पाता है। इसके अलावा ध्यान बेहतर नींद और भावनात्मक स्थिरता प्राप्त करने में भी सहायक माना जाता है।
ध्यान का प्रभाव केवल मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। जानकारों का कहना है कि तनाव कम होने से चेहरे पर प्राकृतिक चमक और ताजगी दिखाई देती है। नियमित मेडिटेशन करने वाले लोगों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और सौम्यता का विकास भी देखा जाता है।
योग और ध्यान की परंपराओं में इसे मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम माना गया है। बच्चों के लिए यह एकाग्रता बढ़ाने, युवाओं में आत्मविश्वास विकसित करने, महिलाओं को भावनात्मक संतुलन प्रदान करने और वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक शांति देने में उपयोगी माना जाता है।
इसी उद्देश्य से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग में प्रतिदिन प्रातः 7 बजे निःशुल्क ध्यान एवं मेडिटेशन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी, महिलाएं, युवा और वरिष्ठ नागरिक भाग ले सकते हैं।
आयोजकों का कहना है कि प्रतिदिन कुछ मिनट का ध्यान भी जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत कर सकता है और व्यक्ति को अधिक शांत, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की ओर अग्रसर कर सकता है।