शासनादेश को ताक पर रख कर दी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की नियुक्ति
1. सीडीओ, डीएम, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
मीरगंज, बरेली (कर्ण पाल सिंह)। हाल ही में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की संविदा के तहत हुई नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। विकासखंड मीरगंज के ग्राम पंचायत पहुंचा खुर्द में एक महिला को अवैध रूप से आंगनवाड़ी कार्यकत्री/सहायिका के पद पर नियुक्त कर दिया गया है।
शिकायतकर्ता अंशु पत्नी सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि चयनित महिला चंद्रकांता पत्नी राधेश्याम वर्तमान में ग्राम पंचायत सदस्य है। जबकि शासनादेश संख्या 19/2023/3975/58 वा1 वा2022 वा2/1 22 टीसी के बिंदु संख्या 13 के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका सदस्य आदि निर्वाचित हो चुका है। वह आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं यदि कोई कार्यकत्री इस पद पर नियुक्ति के बाद निर्वाचित होती है। तो उसका मानदेय आधारित संविदा सेवा स्वता: समाप्त मानी जाएगी। बावजूद इसके चयन बोर्ड कमेटी ने चंद्रकांता को इस पद के लिए चयनित कर लिया।
शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि उन्होंने 5 अप्रैल 2024 को इस पद के लिए अपने समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों और साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया था। वह स्नातक होने के साथ ही पिछड़ी जाति से हैं और अंत्योदय राशन कार्ड धारक भी हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जबकि नियुक्त महिला आर्थिक रूप से संपन्न है।
शासनादेश की अनदेखी कर की गई इस नियुक्ति पर सीडीओ, डीएम और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।