जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर मौलाना की अपील
बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे, नाच-गाने, हुड़दंग और हथियारों के प्रदर्शन से बचने की अपील की।
जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे, नाच-गाने और हुड़दंग से बचने की अपील।
विदेशी झंडों, नकली तलवारों के प्रदर्शन और यातायात प्रभावित करने वाली गतिविधियों से परहेज की सलाह।
26 अगस्त के जुलूस को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से निकालने का आह्वान।
जन माध्यम
बरेली। ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर 26 अगस्त को प्रस्तावित जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपील जारी की है। उन्होंने जुलूस में डीजे, बाजे, नाच-गाने, हंगामे और हुड़दंग से बचने की बात कही है।
मुस्तफा नगर, बरेली जंक्शन निवासी नसीर अहमद नूरी के सवाल के जवाब में जारी फतवे में मौलाना ने जुलूस को शरई उसूलों के मुताबिक शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से निकालने की अपील की। उन्होंने अंजुमनों और युवाओं से डीजे तथा तेज आवाज वाले उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा।
मौलाना ने जुलूस के दौरान किसी दूसरे देश के झंडे या बैनर नहीं लगाने और भारतीय झंडे को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही नकली तलवारों समेत किसी भी तरह के हथियारों के प्रदर्शन से बचने की सलाह दी।
उन्होंने युवाओं से ट्रिपल राइडिंग, तेज आवाज में शोर-शराबे और यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से भी दूर रहने को कहा। मौलाना ने दावा किया कि तेज आवाज वाले डीजे से पूर्व में कई तरह की परेशानियां सामने आई हैं और आसपास रहने वाले लोगों को भी दिक्कत हो सकती है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि जुलूस के दौरान ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे दूसरे समुदाय के लोगों को परेशानी हो या उनकी भावनाएं आहत हों। उन्होंने जुलूस-ए-मोहम्मदी को शांतिपूर्ण, अनुशासित और भाईचारे की मिसाल बनाने की अपील की।