आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय 20 हजार होने पर जताया आभार
आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने पर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की बात।
शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार के फैसले का स्वागत किया।
परिषद ने इसे कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया।
जन माध्यम
बरेली। प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने पर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया है। परिषद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
हरी शंकर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी लंबे समय से सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं। उनके मुताबिक कम मानदेय और सेवा की अनिश्चितता जैसी समस्याओं के बीच मानदेय में वृद्धि से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि परिषद लगातार आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर आवाज उठाती रही है। मानदेय में प्रस्तावित वृद्धि को उन्होंने कर्मचारियों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार के फैसले का स्वागत किया।
परिषद ने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में भी आउटसोर्स कर्मियों से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।