एलआईसी के नाम पर ठगी कांड
एलआईसी का लोगो दिखाकर निवेशकों से करोड़ों की ठगी करने वाली कैनविज कंपनी पर शिकंजा, कन्हैया गुलाटी व साथियों की भूमिका जांच के घेरे में।
➡️ एलआईसी का नाम और लोगो दिखाकर निवेशकों से ठगी
➡️ 22 महीने में करोड़पति बनाने का झांसा
➡️ महंगे सेमिनार और भारी कमीशन का लालच
➡️ कन्हैया गुलाटी व सहयोगी एसआईटी के रडार पर
➡️ एसएसपी ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
कैनविज कंपनी ने सरकारी भरोसे का दुरुपयोग कर निवेशकों से ऐंठे करोड़ों
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। सरकारी भरोसे का नाम इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय जीवन बीमा निगम एलआईसी के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर निवेशकों से भारी रकम ऐंठने वाली कैनविज कंपनी और उसके संचालक कन्हैया लाल गुलाटी की ठगी की परतें एक-एक कर खुल रही हैं। मल्टी लेवल मार्केटिंग एमएलएम के नाम पर चलाए जा रहे इस कथित कारोबार में लोगों को सरकारी बीमा संस्था से जुड़ाव का झांसा देकर फंसाया गया।
इस पूरे मामले को उजागर करने में सामाजिक कार्यकर्ता अमित मिश्रा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने मीडिया और प्रशासन को पत्र भेजकर कैनविज के नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली का खुलासा किया है। जानकारी के मुताबिक, कन्हैया गुलाटी ने वर्ष 2006 में कैनविज सेल्स एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। इसमें लखनऊ और कानपुर के आशुतोष श्रीवास्तव, राकेश पांडेय और नितिन श्रीवास्तव को साझेदार बनाया गया। वर्ष 2007 से कंपनी ने निवेश कराना शुरू कर दिया। कैनविज ने अपने सेमिनारों, वेबसाइट और प्रचार सामग्री में एलआईसी का लोगो प्रमुखता से इस्तेमाल किया। इससे आम लोग कंपनी को एलआईसी से जुड़ी मान बैठे और बिना जांच पड़ताल के लाखों-करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। जबकि सच्चाई यह है कि एलआईसी ने कभी भी कैनविज को बीमा बेचने की अनुमति नहीं दी थी। इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर एलआईसी के बरेली मंडल कार्यालय ने 22 मार्च 2016 को कंपनी को नोटिस जारी किया था।
कंपनी निवेशकों को 22 महीने तक हर महीने 5 प्रतिशत ब्याज और मूलधन सुरक्षित लौटाने का लालच देती थी। शुरुआत में भुगतान कर भरोसा जमाया गया, फिर अचानक भुगतान बंद हो गया। महंगे होटलों में सेमिनार, लग्जरी कार और भारी कमीशन के सपने दिखाकर बेरोजगार युवाओं को भी जाल में फंसाया गया। अब इस मामले में पुलिस हरकत में है। एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट किया है कि कैनविज घोटाले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एसआईटी जल्द ही पूरे प्रकरण की जांच अपने हाथ में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू करेगी।