सेमीखेडा चीनी मिल का पेराई सत्र बंदी की ओर

देवरनियां स्थित सेमीखेडा किसान सहकारी चीनी मिल का गन्ना पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। गन्ने की कम आपूर्ति के चलते दो नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जल्द अंतिम नोटिस जारी होगा।

सेमीखेडा चीनी मिल का पेराई सत्र बंदी की ओर
HIGHLIGHTS:

सेमीखेडा चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्ति की ओर

गन्ने की कम आपूर्ति के कारण दो नोटिस पहले ही जारी

सभी दस गन्ना क्रय केंद्र बंद, केवल मिल यार्ड में खरीद जारी

पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार चीनी उत्पादन और रिकवरी में सुधार

इकरार । जन माध्यम

देवरनियां (बरेली)। गन्ने से भरी बैलगाड़ियां और ट्रैक्टर जब चीनी मिल के फाटक पर कतार लगाते हैं तो आसपास का इलाका भी जैसे जीवंत हो उठता है। लेकिन जब वही कतारें धीरे-धीरे कम होने लगें तो समझिए पेराई सत्र अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ चला है। देवरनियां क्षेत्र की सेमीखेडा किसान सहकारी चीनी मिल में भी अब कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है।

पेराई सत्र समाप्ति की ओर, अंतिम नोटिस की तैयारी
जिले की एकमात्र किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा का वर्तमान गन्ना पेराई सत्र अब समाप्ति की ओर है। मिल यार्ड में गन्ने की कम आपूर्ति को देखते हुए मिल प्रबंधन पहले ही दो नोटिस जारी कर चुका है। इन नोटिसों के माध्यम से किसानों से जल्द गन्ना आपूर्ति करने का आग्रह किया गया था। अब मिल प्रबंधन अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है, जिसके बाद पेराई सत्र बंद कर दिया जाएगा।

सभी गन्ना क्रय केंद्र बंद, केवल मिल यार्ड में खरीद
मिल क्षेत्र में संचालित ग्यारह में से दस गन्ना क्रय केंद्र पहले ही बंद हो चुके हैं। अब केवल मिल यार्ड में ही गन्ना खरीद जारी है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से गन्ने की आपूर्ति काफी कम हो गई है। इसी को देखते हुए मिल प्रबंधन ने किसानों की सुविधा के लिए फ्री गन्ना पर्ची पर भी गन्ना खरीद शुरू कर दी है। अनुमान है कि चीनी मिल 18 मार्च तक चल सकती है, जबकि पिछले वर्ष यह 22 मार्च तक संचालित हुई थी।

नवंबर से शुरू हुआ था पेराई सत्र
देवरनियां क्षेत्र में बरेली-नैनीताल मार्ग किनारे स्थित किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा जिले की एकमात्र किसान सहकारी चीनी मिल है। वर्ष 2025-26 के गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ 10 नवंबर को मिल के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने किया था। हालांकि वास्तविक पेराई कार्य 12 नवंबर से धीमी गति से शुरू हुआ, जिसे पूरी रफ्तार पकड़ने में कुछ समय लगा। इस वर्ष मिल के सामने 35 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया था, जबकि पिछले वर्षों में यह लक्ष्य 38 लाख क्विंटल रहा था।

पिछले वर्ष के मुकाबले बेहतर रही मिल की स्थिति
मिल प्रबंधन के अनुसार इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले मिल की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। पिछले वर्ष कुल 26 लाख 92 हजार क्विंटल गन्ना पेरा गया था, जबकि इस बार अब तक लगभग 25 लाख 92 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है और कुल 26 लाख 50 हजार क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। चीनी उत्पादन के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पिछले वर्ष 15 मार्च तक 1 लाख 98 हजार बोरे चीनी बनी थी, जबकि इस बार अब तक 2 लाख 41 हजार बोरे चीनी का उत्पादन हो चुका है। चीनी रिकवरी भी पिछले वर्ष 9.21 प्रतिशत से बढ़कर इस बार 9.41 प्रतिशत पहुंच गई है।

संविदा पर जीएम आने के बाद सुधरी स्थिति
देवरनियां (बरेली)। किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा में प्रधान प्रबंधक के पद पर कार्यरत पीसीएस अधिकारी शादाब असलम खां के तबादले के बाद दिसंबर 2024 में यहां पूर्व में सीए रह चुके सेवानिवृत्त किशनलाल को ग्यारह माह के लिए संविदा पर प्रधान प्रबंधक नियुक्त किया गया था। कार्य संतोषजनक रहने के कारण उनकी संविदा अवधि आगे भी बढ़ा दी गई है। मिल की व्यवस्था सुधारने में प्रधान प्रबंधक किशनलाल, ईडीपी कुमार मनीष तथा अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।

एमएलसी बहोरनलाल मौर्य ने किया चीनी मिल का निरीक्षण
देवरनियां (बरेली)। विधान परिषद सदस्य बहोरनलाल मौर्य ने किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समय पर गन्ना मूल्य भुगतान तथा पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मिल प्रबंधन को दिए। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।