सेंथल ने खोया अपना स्नेहभरा चायवाला

सेंथल के चौराहे के मशहूर चायवाले इमरती लाल (नसीर हैदर) का निधन, उधार-खाली जेब सबके लिए चाय बनाते थे, हर दिल में उनकी मुस्कान बाकी।

सेंथल ने खोया अपना स्नेहभरा चायवाला
HIGHLIGHTS:

➡️ सेंथल का सबसे प्यारा चायवाला इमरती लाल हमेशा के लिए चला गया
➡️ सुबह 3 बजे से रात तक चाय, उधार हो या खाली जेब सबके लिए तैयार
➡️ चौराहे का अनौपचारिक चौकीदार, हर किसी का सहारा
➡️ चाय में घुला था स्नेह, अपनापन और सादगी
➡️ नगर में शोक, लोग बोले – उनकी मुस्कान हमेशा याद रहेगी
➡️ चाय अब भी बनेगी, पर उसकी मिठास का बड़ा हिस्सा खो गया

इमरती लाल के निधन से नगर में शोक, हर दिल में उनकी मुस्कान और चाय की महक बाकी

जन माध्यम 
सेंथल,बरेली।
चौराहे की रौनक, सुबह की पहली भाप, दूध की खुशबू और मुस्कुराता हुआ चेहरा यह सब मिलकर एक ही नाम बनता था इमरती लाल। सुबह तीन बजे दुकान खोलकर रात देर तक चाय परोसने वाले नसीर हैदर उर्फ़ इमरती लाल सिर्फ चाय बनाने वाले नहीं थे, बल्कि सेंथल की धड़कन थे। उनकी दुकान पर पैसे का महत्व कम, इंसानी भावनाओं का महत्व ज्यादा था। जेब खाली हो या मन भारी उनकी चाय दोनों को भर देती थी।
उनके हाथों की चाय में सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि स्नेह, अपनापन और गाँव की मिट्टी जैसी सादगी घुली होती थी। किसी का सामान रखना हो, किसी राहगीर को दिशा बतानी हो या रात में चौराहे की हिफाज़त करनी हो इमरती लाल हर वक्त तैयार मिलते। उनके निधन की खबर ने पूरे सेंथल को जैसे मौन कर दिया। लोग घरों से निकलकर उनके निवास की ओर दौड़ पड़े जैसे किसी अपने को खो दिया हो। आँखों में नमकीन आँसू और दिलों में उनकी मुस्कान की यादें उमड़ पड़ीं। नगर पंचायत अध्यक्ष क़म्बर एजाज शानू सहित पत्रकार और सैकड़ों लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज सेंथल की चाय भले ही बन रही हो, पर उसकी मिठास का सबसे बड़ा हिस्सा इमरती लाल हमेशा के लिए खो गया।