धोबी तालाब का सौंदर्यीकरण अधर में

बहेड़ी के शेखूपुर में धोबी तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य बजट और टेंडर के बावजूद शुरू नहीं हो पाया। सभासदों ने डीएम से जल्द कार्रवाई की मांग की।

धोबी तालाब का सौंदर्यीकरण अधर में
HIGHLIGHTS:

बजट और टेंडर के बाद भी काम शुरू नहीं

वर्क ऑर्डर पर हस्ताक्षर न होने से अटका प्रोजेक्ट

सभासदों ने डीएम से की हस्तक्षेप की मांग

बरसात से पहले काम न शुरू हुआ तो बढ़ेगी परेशानी

मुमताज अली । जन माध्यम

बहेड़ी (बरेली)।   कागज़ों पर विकास की तस्वीरें बनती रहीं लेकिन जमीन पर एक भी ईंट नहीं रखी गई। आखिर कब तक इंतजार करेगा शहर?

बजट मिला, टेंडर पूरा फिर भी काम ठप
नगर के शेखूपुर स्थित वर्षों पुराने धोबी तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य कागज़ों में तो पूरा हो चुका है, लेकिन हकीकत में अब तक शुरू नहीं हो पाया। बजट आवंटित हो चुका है, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, फिर भी काम अधर में लटका हुआ है। यह स्थिति विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

वर्क ऑर्डर पर अटका पूरा प्रोजेक्ट

सभासदों का कहना है कि वर्क ऑर्डर पर हस्ताक्षर न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। ताहिर पप्पू, वाजिद हुसैन, नजमा और शबीना समेत कई प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह है कि जब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, तो आखिर देरी किस बात की?

अवैध कब्जे हटे, सीमांकन भी पूरा

सभासदों ने बताया कि धोबी तालाब की जमीन से पहले अवैध कब्जे हटाए गए और कई बार पैमाइश कर सीमांकन की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। शासन स्तर से मंजूरी और बजट मिलने के बाद टेंडर भी पास हो गया, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू न होना प्रशासनिक ढिलाई की ओर इशारा करता है।

बरसात से पहले काम शुरू न हुआ तो बढ़ेगी मुश्किल

स्थानीय प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ, तो बरसात के मौसम में परियोजना पूरी करना मुश्किल हो जाएगा। इससे न सिर्फ लागत बढ़ेगी, बल्कि योजना और भी लंबित हो सकती है। क्या प्रशासन समय रहते इस पर ध्यान देगा?

हाईटेक पार्क का इंतजार, जवाबदेही पर सवाल

क्षेत्रीय लोग इस स्थल पर प्रस्तावित हाईटेक पार्क के विकसित होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन काम शुरू न होने से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं। अधिशासी अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा। एडीएम न्यायिक ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो दोबारा पैमाइश कराई जाएगी, लेकिन अब कार्य शुरू कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। सवाल यही है—जिम्मेदारी तय होने के बाद भी काम क्यों नहीं?