जिम्मेदारी न निभाने वाले सब इंस्पेक्टर जबरन रिटायर्ड, एसएसपी खंगाल रहे लापरवाह पुलिस कर्मियों की कुंडली...

जिम्मेदारी न निभाने वाले सब इंस्पेक्टर जबरन रिटायर्ड, एसएसपी खंगाल रहे लापरवाह पुलिस कर्मियों की कुंडली...
रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर इशरत अली खां

बरेली। पुलिस विभाग ने लापरवाह और दागी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। जिसके चलते सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) इशरत अली खां को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (जबरन रिटायरमेंट) दिया गया है। उनके सेवा काल में 11 बार दंडात्मक कार्रवाई की गई थी। इसमें तीन बार वेतन कटौती भी शामिल है। इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ।आईजी और एडीजी के आदेश पर चली प्रक्रिया के बाद यह कार्रवाई की गई है।

एसएसपी ने शीशगढ़ थाने से किया था सस्पेंड

सब इंस्पेक्टर इशरत अली खां को एसएसपी अनुराग आर्य ने 9 दिसंबर, 2024 को शीशगढ़ थाने से सस्पेंड (निलंबित) किया गया था। उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी उनकी लापरवाही जारी रही। जिसके चलते एसएसपी अनुराग आर्य ने उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सिफारिश की। अपर पुलिस महानिदेशक (स्थापना) की मंजूरी के बाद यह आदेश आईजी डॉक्टर राकेश सिंह ने जारी किया। मगर, इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही अन्य लापरवाह पुलिसकर्मियों की सेवा पुस्तिकाओं की जांच की जा रही है।

कमेटी की रिपोर्ट पर अनिवार्य रिटायरमेंट, कई निशाने पर

एसएसपी अनुराग आर्य ने इशरत अली की उम्र, ड्यूटी में लापरवाही और कार्रवाई के ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर अनिवार्य रिटायरमेंट देने के लिए एक कमेटी गठित की। कमेटी की रिपोर्ट पर एसएसपी ने रिटायरमेंट की संस्तुति दी। इसको अपर पुलिस महानिदेशक (स्थापना) ने मंजूरी दी। इसके बाद आईजी राकेश सिंह ने दरोगा इशरत अली खान की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश जारी कर दिया। बरेली में सब-इंस्पेक्टर इशरत अली खान के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई है, जब जिले में बड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। गैंगवार, हत्या, लूट, किडनैपिंग और जमीनों पर अवैध कब्जों के गैंग सक्रिय हैं। इन अवैध गतिविधियों में स्थानीय पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों की भूमिका भी उजागर हो रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ऐसे दागी और लापरवाह पुलिसवालों को निलंबित कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ पुलिसवालों के रवैये में बदलाव नहीं हो रहा है। पुलिस विभाग की इस सख्ती का उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ विभागीय अनुशासन को बनाए रखना है।