गोलियों की गूंज में ढहा ‘अंडा’ का गुरूर

20 हजार का इनामी गौकश मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

गोलियों की गूंज में ढहा ‘अंडा’ का गुरूर
HIGHLIGHTS:

• भोजीपुरा में मुठभेड़ के बाद 20 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार।

• पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली।

• आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

जन माध्यम 
बरेली। जब कानून का हाथ मजबूत इरादों के साथ उठता है, तो अपराध के सबसे घने अंधेरे भी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाते। भोजीपुरा की स्याह रात में गोलियों की गूंज के बीच एक ऐसा अध्याय लिखा गया, जिसने यह साबित कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं है। सोमवार देर रात भोजीपुरा पुलिस और सर्विलांस टीम ने 20 हजार रुपये के इनामी गौकश जाहिद उर्फ अंडा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा यह बदमाश आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। पुलिस को देखते ही उसने अपने साथी के साथ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसकी फरारी का सफर वहीं थम गया। इस दौरान सिपाही विकास भी घायल हुए, लेकिन पुलिस टीम ने हौसला नहीं खोया। गोलियों की आवाज के बीच कर्तव्य और साहस का ऐसा जज्बा दिखाई दिया, जिसने पुलिस की प्रतिबद्धता को फिर साबित कर दिया।
दरअसल, यह सफलता केवल एक गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि एसएसपी अनुराग आर्य की उस सख्त और परिणामोन्मुख कार्यशैली का नतीजा है, जिसके तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने जिले में कानून का इकबाल मजबूत किया है। 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि अपराधियों के लिए अब जिले की जमीन आसान नहीं रहने वाली। पूछताछ में आरोपी ने गौकशी और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग जैसी गंभीर वारदातों में अपनी भूमिका कबूल की है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
जिले में एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में चल रहा अभियान केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के दिलों में सुरक्षा और भरोसे का एहसास भी पैदा कर रहा है। जिन रास्तों पर कभी बदमाशों की दहशत का साया था, वहां अब कानून का भरोसा दिखाई देने लगा है। यह मुठभेड़ एक साफ पैगाम है जो लोग कानून को चुनौती देकर समाज की अमन ओ चैन की फिजा बिगाड़ना चाहते हैं, उनके लिए जिले में अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है। एसएसपी अनुराग आर्य की अगुवाई में पुलिस का यह अभियान अपराध के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज में सुकून, अमन और इंसाफ कायम करने की एक मजबूत कोशिश बन चुका है।