बहेड़ी सीएचसी में लापरवाही के आरोप, घायल महिला इलाज को तरसी

सड़क हादसे में घायल महिला के परिजनों ने बहेड़ी सीएचसी पर इलाज में देरी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।

बहेड़ी सीएचसी में लापरवाही के आरोप, घायल महिला इलाज को तरसी
HIGHLIGHTS:

सड़क हादसे में घायल महिला के इलाज में देरी का आरोप।

परिजनों ने सीएचसी प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए।

मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठी।

जन माध्यम
बहेड़ी। 
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा में है। सड़क हादसे में घायल हुई एक महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार आलियाबोझ निवासी आसमा पत्नी छोटे एक टैम्पो में सवार थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें आसमा सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेड़ी लाया गया।

परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से घायल आसमा को अस्पताल पहुंचने के बाद भी काफी समय तक समुचित उपचार नहीं मिल सका। उनका कहना है कि महिला करीब दो घंटे तक एम्बुलेंस में ही दर्द से तड़पती रही और परिजन चिकित्सकीय सहायता के लिए गुहार लगाते रहे।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ घायलों के घावों पर टांके लगाने का कार्य चिकित्सक के बजाय वार्ड बॉय द्वारा किया गया। वहीं ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने तथा यदि लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन अथवा संबंधित चिकित्सक की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।