बरेली: एंटी करप्शन टीम का बड़ा धमाका, फरीदपुर में 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया चकबंदी लेखपाल

बरेली की फरीदपुर तहसील में तैनात एक चकबंदी लेखपाल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लेखपाल ने दाखिल-खारिज की पत्रावली के निस्तारण के बदले यह रकम मांगी थी।

बरेली: एंटी करप्शन टीम का बड़ा धमाका, फरीदपुर में 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया चकबंदी लेखपाल
रिश्वत लेते गिरफ्तार फरीदपुर का चकबंदी लेखपाल अजय
HIGHLIGHTS:

फरीदपुर तहसील में तैनात लेखपाल अजय को भ्रष्टाचार निवारण टीम ने जाल बिछाकर पकड़ा।

दाखिल-खारिज के नाम पर शिकायतकर्ता से मांगे थे 15 हजार रुपये।

बरेली। भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की टीम ने प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील फरीदपुर में तैनात चकबंदी लेखपाल अजय को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लेखपाल अजय, जो कि मनवीर सिंह का पुत्र है, मूल रूप से जनपद बुलंदशहर के थाना कोतवाली नगर अंतर्गत आवास विकास प्रथम का निवासी है। वर्तमान में वह फरीदपुर के मोहल्ला बक्सरिया में एक किराये के मकान में रह रहा था और यहीं से अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहा था।

भ्रष्टाचार निवारण संगठन से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई की नींव भुता थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हपुर निवासी कविरुल हसन पुत्र कदीरुल हसन की शिकायत पर पड़ी। शिकायतकर्ता ने टीम को बताया था कि उसके पिता की जमीन से संबंधित दाखिल-खारिज की पत्रावली के निस्तारण के लिए लेखपाल अजय लगातार रुपयों की मांग कर रहा था। बिना रिश्वत के काम आगे न बढ़ता देख कविरुल ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। मामले की गंभीरता और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

योजना के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8:50 बजे जब शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर लेखपाल के मोहल्ला बक्सरिया स्थित किराये के आवास पर पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए बैठी टीम ने लेखपाल को 15 हजार रुपये लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम आरोपी को लेकर थाना कोतवाली बरेली पहुंची, जहां उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।