मासूमों पर टूटा दुखों का पहाड़, डीएम बने सहारा

बीएलओ सर्वेश गंगवार की मौत के बाद डीएम अविनाश सिंह ने जुड़वां बच्चों के सिर पर हाथ रखा, सभी अफसरों का एक दिन वेतन FD में, भाई को नौकरी।

मासूमों पर टूटा दुखों का पहाड़, डीएम बने सहारा
HIGHLIGHTS:

➡️ डीएम अविनाश सिंह खुद पहुंचे सर्वेश गंगवार के घर
➡️ जुड़वां अहाना-अयांश के सिर पर हाथ: तुम अकेले नहीं हो
➡️ सभी अफसरों का एक दिन वेतन, बच्चों के नाम FD
➡️ छोटे भाई को तुरंत संविदा नौकरी
➡️ डीएम: सर्वेश ईमानदार थे, उनका परिवार हमारी ज़िम्मेदारी
➡️ माँ के बाद पिता भी गए, प्रशासन बना सहारा

बीएलओ सर्वेश गंगवार के निधन के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने संभाली ज़िम्मेदारी

जन माध्यम 
बरेली।
कभी कभी किस्मत इतनी बेरहम हो जाती है कि इंसान समझ नहीं पाता कि आखिर उसने ऐसा क्या गुनाह किया था। चार महीने पहले माँ कैंसर से लड़ते लड़ते दुनिया छोड़ गई और अब पिता भी अचानक चले गए। घर के कोने में रखी माँ की तस्वीर और उसी के बगल में पिता का फ्रेम इन्हीं दो तस्वीरों पर अपनी नन्हीं उंगलियाँ फेरते हुए जुड़वां बच्चे अहाना और अयांश जैसे हर पल यही सवाल पूछते हैं,हमारा कसूर क्या था?
गुरुवार का दिन वह घर जहां मातम पसरा था, वहां पहली बार किसी ने सिर्फ औपचारिकता नहीं निभाई बल्कि इंसानियत दिखाई। डीएम अविनाश सिंह खुद पहुंचे। जैसे ही उन्होंने दोनों मासूम बच्चों के सिर पर हाथ रखा, घर का सन्नाटा टूट गया। उन्होंने झुककर धीमे स्वर में कहा
आपके पापा अब नहीं रहे बेटा लेकिन आप अकेले नहीं हैं। जब तक यह हाथ हैं, आपकी हर जरूरत पूरी होगी। यह वादा है।यह सिर्फ एक अधिकारी का आश्वासन नहीं था यह टूटे हुए परिवार के लिए नया सहारा था, नई उम्मीद थी।
स्व. सर्वेश गंगवार, परधौली प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक और बीएलओ ड्यूटी के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाते-निभाते दुनिया से चले गए। डीएम ने परिवार के सामने खड़े होकर कहा सर्वेश जैसा ईमानदार कर्मचारी खोना जिले की बड़ी क्षति है। उनका काम 46% से अधिक पूरा था, उन पर किसी दबाव जैसी बात बिल्कुल बेबुनियाद है। यह एक दुखद दुर्घटना है।उनके शब्दों में भरोसा था, संवेदना थी और परिवार के प्रति सच्ची जिम्मेदारी भी।
बच्चों के नाम एफडी, छोटे भाई को नौकरी प्रशासन बना परिवार का सहारा डीएम ने घोषणा की कि जिले के सभी अधिकारी एक दिन का वेतन देंगे, जिसे दोनों बच्चों के नाम पर एफडी किया जाएगा  ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
स्व. सर्वेश के छोटे भाई को संविदा पर नौकरी देने की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू की जा रही है, जिससे परिवार को आर्थिक मजबूती मिले।
परिवार की आंखों में पहली बार थोड़ी सी राहत दिखी जैसे किसी ने कहा हो, तुम अकेले नहीं हो
सर्वेश का सम्मान हमारा कर्तव्य है
डीएम ने कहा सर्वेश एक ईमानदार, जिम्मेदार शिक्षक और कर्तव्यनिष्ठ बीएलओ थे। उनके परिवार की सुरक्षा, बच्चों की पढ़ाई और भाई को रोजगार  यह अब हमारी जिम्मेदारी है। इस दौरान बीएसए विनीता अग्रवाल और एसडीएम सदर प्रमोद कुमार भी मौजूद रहे, जिन्होंने भी परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर पल उनके साथ खड़ा है।