बिजली विभाग में लापरवाही पर गिरी गाज

बरेली बिजली विभाग में राजस्व वसूली में लापरवाही और लचर कार्यशैली पर चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने सख्त कदम उठाया है। अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार को हटाकर शक्ति भवन अटैच कर दिया गया है, उनके स्थान पर ओम प्रकाश गुप्ता ने कमान संभाली है।

बिजली विभाग में लापरवाही पर गिरी गाज
सांकेतिक चित्र - AI जनित
HIGHLIGHTS:

वर्टिकल सेकंड में राजस्व गिरने और कार्य में उदासीनता पर गिरी गाज।

चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश की रिपोर्ट पर मुख्यालय ने सूर्य कुमार को किया अटैच।

ओम प्रकाश गुप्ता को सौंपी गई नई जिम्मेदारी, विभाग में हड़कंप।

जन माध्यम

बरेली। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आखिरकार जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। विभाग में बढ़ती अनियमितताओं, गिरते राजस्व और लचर कार्यशैली के चलते अधिशासी अभियंता वर्टिकल सेकंड सूर्य कुमार को तत्काल प्रभाव से शक्ति भवन अटैच कर दिया गया है। इस फैसले को चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश की सख्त कार्यशैली का हिस्सा माना जा रहा है, जिन्होंने साफ संकेत दे दिया है कि अब लापरवाही और ढिलाई किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, वर्टिकल सिस्टम लागू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार नजर नहीं आ रहा था। खासकर वर्टिकल सेकंड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में राजस्व वसूली लगातार गिर रही थी, जिससे विभाग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और कार्य में इच्छाशक्ति की कमी के चलते न तो लाइन लॉस पर नियंत्रण हो पाया और न ही बकायेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो सकी। अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार की कार्यप्रणाली लंबे समय से सवालों के घेरे में थी। विभागीय स्तर पर यह चर्चा आम थी कि उनके नेतृत्व में न तो टीम सक्रिय रही और न ही राजस्व बढ़ाने के लिए कोई ठोस रणनीति लागू हो सकी। परिणामस्वरूप, वर्टिकल सिस्टम की मंशा धरातल पर फिसलती नजर आई और विभाग की साख पर भी असर पड़ा।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब राजस्व आंकड़ों में लगातार गिरावट दर्ज की जाने लगी। उच्चाधिकारियों ने जब समीक्षा की, तो कई खामियां उजागर हुईं। बताया जा रहा है कि कार्यों के प्रति उदासीन रवैया और निगरानी की कमी ने पूरे सिस्टम को कमजोर कर दिया। ऐसे में चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने बिना देर किए कड़ा निर्णय लेते हुए सूर्य कुमार हटाने के लिए रिक्वायरमेंट लेटर मुख्यालय को भेज दिया उसके बाद मुख्यालय ने दिशाषी अभियंता को अपने यहां शक्ति भवन अटैच कर दिया।

इस अचानक हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। यह स्पष्ट संदेश है कि अब केवल कुर्सी संभालना पर्याप्त नहीं, बल्कि परिणाम देना अनिवार्य होगा। जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। साथ ही, सूर्य कुमार के स्थान पर ओम प्रकाश गुप्ता को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यालय से आए गुप्ता को ऐसे समय में कमान दी गई है, जब विभाग को सख्त नेतृत्व और ठोस कार्ययोजना की जरूरत है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई तैनाती के बाद वर्टिकल सेकंड की कार्यप्रणाली में कितना सुधार आता है और राजस्व में गिरावट पर किस हद तक रोक लग पाती है। फिलहाल, यह कार्रवाई बिजली विभाग में व्याप्त ढिलाई और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब विभाग में केवल काम होगा, बहाने नहीं और जो इस कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा, वह पद पर टिक नहीं पाएगा।