अदालत की रौशनी, शहर की शान
जस्टिस अब्दुल शाहिद का बरेली दौरा, न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात और अदालत की मर्यादा के साथ सादगी और वक़ार का संगम।
➡️ जस्टिस अब्दुल शाहिद का बरेली न्यायिक दौरा
➡️ सर्किट हाउस में प्रोटोकॉल और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत
➡️ सादगी, शालीनता और वक़ारभरी उपस्थिति से सभी प्रभावित
➡️ दौरा अदालत की मर्यादा और इंसाफ़ में करुणा के संदेश का प्रतीक
जन माध्यम
बरेली। जब इंसाफ़ सिर्फ़ क़ानून की किताबो में रहकर इंसानियत, तहज़ीब और दिलों को जोड़ने वाला अमल बन जाए, तब अदालतें भी दुआओं का पता बन जाती हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस अब्दुल शाहिद का बरेली आगमन इसी रूहानी एहसास का पैग़ाम लेकर आया। रविवार को न्यायिक दौरे पर बरेली पहुंचे जस्टिस अब्दुल शाहिद का सर्किट हाउस में प्रोटोकॉल के तहत बड़े अदब और एहतराम के साथ इस्तक़बाल किया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ न्यायिक अफ़सरान, जिला इंतज़ामिया और पुलिस अफ़सरों ने उनका ख़ैरमक़दम किया। प्रयागराज से रेल यात्रा कर देर रात बरेली पहुंचे जस्टिस अब्दुल शाहिद के क़याम की इंतज़ामात सर्किट हाउस में मुकम्मल तौर पर की गई थीं। हाईकोर्ट रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल की जानिब से जारी कार्यक्रम के मुताबिक़ सुरक्षा, एस्कॉर्ट, रहाइश और आमद-ओ-रफ़्त की तमाम तर्तीबात वक़्त पर और सलीक़े से पूरी की गईं। यह इंतज़ाम सिर्फ़ व्यवस्था नहीं, बल्कि अदालत की अज़मत और उसकी मर्यादा का आईना थे।
सर्किट हाउस में चंद लम्हों के आराम के बाद जस्टिस अब्दुल शाहिद ने स्थानीय न्यायिक अधिकारियों से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात महज़ रस्म-अदायगी नहीं, बल्कि इंसाफ़, ज़िम्मेदारी और ज़मीर की गुफ़्तगू थी। सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत ने यह एहसास दिलाया कि सख़्त क़ानून के पीछे भी एक नर्म दिल और इंसाफ़पसंद नज़र मौजूद है। रविवार की शाम जस्टिस अब्दुल शाहिद ने एक ख़ास निजी आयोजन में भी शिरकत की, जहां उनकी सादगी, शालीनता और वक़ारभरी मौजूदगी ने हर दिल को मुतास्सिर किया। पूरे क़याम के दौरान जिला प्रशासन, बारादरी पुलिस और मुताल्लिक़ विभागों ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तमाम ज़िम्मेदारियां पूरी मुस्तैदी से निभाईं। जस्टिस अब्दुल शाहिद का यह दौरा सिर्फ़ एक न्यायिक सफ़र नहीं, बल्कि उस इंसाफ़ का पैग़ाम है जिसमें क़ानून के साथ करुणा, और फ़ैसलों के साथ इंसानियत बराबरी से चलती है।