स्टाइपेंड के बिना नर्सिंग इंटर्न की मुश्किलें बढ़ीं

बीएससी नर्सिंग इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता की मांग की। छात्रों ने इंटर्नशिप अवधि के लिए समान और सम्मानजनक मानदेय तय करने की गुहार लगाई।

स्टाइपेंड के बिना नर्सिंग इंटर्न की मुश्किलें बढ़ीं
HIGHLIGHTS:

बीएससी नर्सिंग इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।

छात्रों ने भोजन, परिवहन और अध्ययन सामग्री का खर्च उठाने में परेशानी बताई।

मुख्यमंत्री से समान और सम्मानजनक स्टाइपेंड व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।

जन माध्यम
बरेली।
बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं ने स्टाइपेंड नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता की मांग की है। रक्षपाल बहादुर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बरेली समेत अन्य कॉलेजों के इंटर्न छात्रों ने 9 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर इंटर्नशिप अवधि के लिए सम्मानजनक एवं समान स्टाइपेंड निर्धारित करने की मांग की।

छात्रों के मुताबिक उनकी इंटर्नशिप वर्तमान में महाराणा प्रताप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रही है। यहां वे मरीजों की देखभाल, ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाओं समेत विभिन्न नैदानिक कार्यों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें कोई स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है। इससे भोजन, आने-जाने का किराया, अध्ययन सामग्री और रोजमर्रा के खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों के सामने आर्थिक चुनौती और अधिक है।

इंटर्न छात्रों ने कहा कि इंटर्नशिप उनके प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें उन्हें वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़कर व्यावसायिक कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है। आर्थिक दबाव के बीच प्रशिक्षण जारी रखना उनके लिए कठिन हो रहा है।

प्रार्थना पत्र में मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश में बीएससी नर्सिंग इंटर्न छात्रों के लिए एक समान, स्पष्ट और सम्मानजनक स्टाइपेंड व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। छात्रों ने उम्मीद जताई कि शासन उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द उचित कार्रवाई करेगा।