फर्जी सेल्स एजेंट गिरोह बेनकाब

बरेली में कार और नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले फर्जी सेल्स एजेंट गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया।

फर्जी सेल्स एजेंट गिरोह बेनकाब
HIGHLIGHTS:

➡️ कार एजेंसी का फर्जी सेल्स एजेंट बनकर ठगी
➡️ नौकरी और सस्ती कार दिलाने का झांसा
➡️ 14.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी
➡️ महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार
➡️ लंबे समय से फरार चल रहे थे आरोपी
➡️ फर्जी रसीदें और कागजात दिखाए गए
➡️ कोतवाली पुलिस ने किया खुलासा
➡️ गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी

जन माध्यम। बरेली।

कार एजेंसी का फर्जी सेल्स एजेंट बनकर नौकरी और नई गाड़ी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। पंजाब के मोगा निवासी कारोबारी सुरजीत सिंह ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया था कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर खुद को नामी कार एजेंसी का अधिकृत विक्रेता बताया। आरोपियों ने कार एजेंसी में नौकरी लगवाने और कम दाम में नई गाड़ी दिलाने का लालच दिया। भरोसा दिलाने के लिए फर्जी रसीदें और कागजात भी दिखाए गए। झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 14.50 लाख रुपये दे दिए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही गाड़ी। शिकायत के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने राजवीर कौर निवासी बरेली और रंजीत सिंह निवासी पीलीभीत को सुरेश शर्मा नगर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि इस गिरोह ने पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठगा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या वाहन दिलाने के नाम पर किसी को भी पैसे देने से पहले पूरी जांच अवश्य करें।