गोवध निषेध कानून की मांग को लेकर चला हस्ताक्षर अभियान
मथुरा में संस्कृत भारती द्वारा गो सम्मान आह्वान अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में गोवध निषेध कानून बनाने और गोवंश संरक्षण को लेकर हस्ताक्षर अभियान संचालित किया गया।
संस्कृत भारती ने मथुरा में गो सम्मान आह्वान हस्ताक्षर अभियान चलाया।
यदुनंदन महाराज ने गोवध रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की।
27 जुलाई को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजने की घोषणा की गई।
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मथुरा। संस्कृत भारती द्वारा गोपाल गली स्थित प्राचीन श्री गोपाल मंदिर में गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कार्यक्रम श्री विष्णु मतानुयायी गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर यदुनंदन महाराज के सान्निध्य में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यदुनंदन महाराज ने गौमाता को करोड़ों भारतीयों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बताते हुए गोवंश संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से गोवध रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय परंपरा में गौमाता का विशेष स्थान है और वैदिक काल से ही उन्हें पूजनीय माना जाता रहा है। उन्होंने गोवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता बताई।
संस्कृत भारती के जिलाध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने बताया कि गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत देशभर में व्यापक जनजागरण चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ज्ञापन में गोवध निषेध कानून बनाने, गोवंश को राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर घोषित करने तथा देशभर में अवैध कत्लखानों को बंद कराने की मांग शामिल रहेगी।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भारती के प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने किया। उन्होंने गोवंश संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों से आगे आने का आह्वान किया। इस अवसर पर आचार्य कुंज किशोर, आचार्य मकरंद बाबा, पंडित दीपक चतुर्वेदी, सौरभ शास्त्री चतुर्वेदी, नवनीत बाबा, ब्रजेश बाबा, अनुराग बाबा, पंकज चतुर्वेदी, ऋषभ देव चतुर्वेदी और कौशलेंद्र चतुर्वेदी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।