कोर्ट के आदेश पर चार दुकानों पर चला बुलडोजर

बरेली के मकड़ी खोय गांव में सिविल कोर्ट के आदेश पर चार अवैध दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। अमीन की निगरानी में करीब पांच घंटे तक कार्रवाई चली।

कोर्ट के आदेश पर चार दुकानों पर चला बुलडोजर
कोर्ट के आदेश पर चार दुकानों पर चला बुलडोजर
HIGHLIGHTS:

➡️ सिविल कोर्ट बरेली के आदेश पर कार्रवाई
➡️ मकड़ी खोय गांव में चार दुकानें ध्वस्त
➡️ अमीन की निगरानी में चला बुलडोजर
➡️ करीब पांच घंटे तक चला ध्वस्तीकरण

दीनानाथ कश्यप/ जन माध्यम
शाही,बरेली। 
शाही के धनेटा–शीशगढ़ मार्ग स्थित गांव मकड़ी खोय में बुधवार को सिविल न्यायालय बरेली के आदेश पर चार दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी रही, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

यह ध्वस्तीकरण अभियान सिविल न्यायालय के अमीन राकेश चंद्र के निर्देशन में चलाया गया। ध्वस्त की गई चार दुकानों में एक दुकान शाही के हैदरगंज निवासी लेखराज की बताई गई है, जबकि तीन दुकानें मकड़ी खोय निवासी छत्रपाल की थीं। अमीन राकेश चंद्र ने बताया कि जसवंत नामक व्यक्ति ने वर्ष 2023 में सिविल न्यायालय बरेली में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि छत्रपाल और लेखराज ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानें और मकान बना लिए हैं।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने करीब दो माह पूर्व इन दुकानों और अन्य निर्माण को अवैध घोषित करते हुए उन्हें ध्वस्त करने, मलबा हटाने और जमीन मूल स्वामी को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में अमीन की मौजूदगी में निर्माण को गिराया गया, मलबा हटवाया गया और जमीन को खाली कराया गया। पूरी कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली।

ध्वस्तीकरण के दौरान स्थानीय महिलाओं ने विरोध भी किया, इसी बीच एक महिला की तबीयत बिगड़ने से वह बेहोश हो गई, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने संभाला। वहीं छत्रपाल और लेखराज ने आरोप लगाया कि अदालत ने बिना सूचना या नोटिस दिए एकतरफा आदेश पारित किया है। उनका दावा है कि जिस जमीन पर दुकानें बनी थीं, वह उनकी पैतृक संपत्ति है।

छत्रपाल ने यह भी आरोप लगाया कि जसवंत ने जिस जमीन को खरीदा है, उसमें से वह पहले ही तीन लोगों को हिस्सा बेच चुका है और शेष भूमि पर स्वयं कब्जा किए हुए है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। एक प्लाटून पीएसी के साथ आंवला, शाही, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और सिरौली थानों की पुलिस बल तैनात रही, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति न बने।