गोवंश संरक्षण में नहीं होना चाहिए लापरवाही: एसडीएम

मीरगंज में एसडीएम आलोक कुमार ने नंदी शाला का औचक निरीक्षण किया। एक नंदी की मौत और एक के घायल होने की जानकारी सामने आई। चारा-पानी व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहीं छोटे नंदियों की सुरक्षा के लिए अलग शेड बनाने के निर्देश दिए गए।

गोवंश संरक्षण में नहीं होना चाहिए लापरवाही: एसडीएम
HIGHLIGHTS:

➡️ मीरगंज के तिलमास गांव स्थित नंदी शाला का औचक निरीक्षण
➡️ एक नंदी की मौत, एक घायल—इलाज जारी
➡️ चारा, पानी और पोषण व्यवस्था संतोषजनक
➡️ आक्रामक नंदियों से छोटे नंदियों को खतरा
➡️ अलग शेड निर्माण के निर्देश
➡️ गोवंश संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

करण पाल सिंह/ जन माध्यम
बरेली। मीरगंज उपजिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को गांव तिलमास स्थित नंदी शाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोवंशों की स्थिति, चारा-पानी की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई का गहनता से जायजा लिया।

निरीक्षण के समय एसडीएम ने बताया कि नंदी शाला में वर्तमान में लगभग 37 नंदी पंजीकृत हैं। निरीक्षण के दिन एक नंदी की मौत हो गई, जिसका पोस्टमार्टम मौके पर पशु चिकित्सक द्वारा कराया गया। वहीं एक अन्य नंदी घायल अवस्था में पाया गया, जिसका उपचार पशु चिकित्सक की देखरेख में लगातार जारी है।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि नंदी शाला में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता है। चोकर सहित अन्य आवश्यक आहार सामग्री भी मौजूद है, जिससे नंदियों के पोषण में किसी प्रकार की कमी नहीं है। एसडीएम आलोक कुमार ने चारा प्रबंधन और दैनिक देखरेख को संतोषजनक बताया।

हालांकि, निरीक्षण के दौरान यह समस्या भी सामने आई कि कुछ नंदी अत्यधिक बड़े और आक्रामक प्रवृत्ति के हैं, जो छोटे नंदियों पर हमला कर सकते हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने छोटे नंदियों की सुरक्षा के लिए अलग से बड़े शेड के निर्माण के निर्देश दिए। इसके लिए विकासखंड अधिकारी से पत्राचार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान छोटेलाल को मृत नंदी का शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए। एसडीएम आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि गोवंश संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए निरंतर निगरानी जारी रहेगी।