मीरगंज कान्हा गौशाला चिटौली का एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण

एसडीएम मीरगंज आलोक कुमार ने कान्हा गौशाला चिटौली का औचक निरीक्षण किया, छोटी कमियों के बीच व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।

मीरगंज कान्हा गौशाला चिटौली का एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण
मीरगंज कान्हा गौशाला चिटौली का एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण
HIGHLIGHTS:

➡️ एसडीएम आलोक कुमार ने किया औचक निरीक्षण
➡️ गौशाला में 100 गोवंश, 15 का जियो टैग शेष
➡️ भूसे की पर्याप्त व्यवस्था, हरे चारे की कमी
➡️ बायोगैस प्लांट निर्माण कार्य प्रगति पर
➡️ ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था के निर्देश

करण पाल सिंह/ जन माध्यम

मीरगंज,बरेली। मीरगंज तहसील अंतर्गत नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी द्वारा संचालित कान्हा गौशाला चिटौली का शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मीरगंज आलोक कुमार ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ छोटी कमियां सामने आईं, लेकिन कुल मिलाकर गौशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक और दुरुस्त पाई गईं।

एसडीएम आलोक कुमार ने बताया कि निरीक्षण के समय गौशाला में कुल 100 गोवंश मौजूद पाए गए, जिनमें से 85 गोवंश पंजीकृत थे। केयरटेकर द्वारा जानकारी दी गई कि शेष 15 गोवंश हाल ही में दो-एक दिन पहले गौशाला में लाए गए हैं, जिनका अभी जियो टैग नहीं हो पाया है। इस पर एसडीएम ने उप पशु चिकित्सा अधिकारी देश दीपक को तत्काल इन 15 गोवंशों का जियो टैग कराकर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में भूसे की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई, लेकिन हरे चारे की कमी सामने आई। इस पर एसडीएम ने लेखपाल आदित्य को निर्देशित किया कि हरे चारे की व्यवस्था के लिए तत्काल भूमि चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। मौके पर 10 बोरा चोकर दाना भी उपलब्ध पाया गया।

गौशाला परिसर में गोबर से बायोगैस उत्पादन के लिए संयंत्र का निर्माण कार्य चल रहा है। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को इसे शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि गौशाला को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि 85 गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में कूड़ा (कवर) उपलब्ध है।

ठंड के मौसम को देखते हुए एसडीएम ने गोवंशों के ठंड से बचाव के लिए तत्काल अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक गोवंश के बीमार होने की जानकारी मिली, जिसका उपचार चल रहा है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार बताया गया।

एसडीएम आलोक कुमार ने कहा कि गौशालाओं की नियमित निगरानी आवश्यक है और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण का उद्देश्य गोवंशों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना है।