राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतर्गत मोटा अनाज वितरण एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
संघटक राजकीय महाविद्यालय कॉलेज रिछा के गूह विज्ञान विभाग की तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम। रिछा के मिन्तरपुर में हुआ आयोजन। गृह विज्ञान की प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण छात्राओं को भी किया गया सम्मानित।
मिनतरपुर आंगनवाड़ी केंद्र पर पोषण जागरूकता कार्यक्रम हुआ।
आंगनवाड़ी किशोरियों को मोटे अनाज के पैकेट वितरित किए गए।
एमए गृह विज्ञान में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण छात्राओं को सम्मान मिला।
जन माध्यम
रिछा, बरेली। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर संघटक राजकीय महाविद्यालय, रिछा के गृह विज्ञान विभाग के तत्वावधान में ग्राम मिनतरपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर पोषण जागरूकता एवं मोटा अनाज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संघटक राजकीय महाविद्यालय रिछा की गृह विज्ञान की विभाग की अध्यक्ष डाक्टर समरीन फातमा के निर्देशन में हुए कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य छात्राओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं उपस्थित ग्रामीणों को संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन तथा मोटे अनाज के स्वास्थ्यवर्धक एवं पोषणीय महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं उन्हें गुलदस्ता भेंट कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए पोषणयुक्त आहार की आवश्यकता पर बल देते हुए दैनिक भोजन में विविध एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रशासक मिन्तरपुर रिछा की उपस्थिति में गृह विज्ञान विभाग ने आंगनवाड़ी किशोरियों को मोटे अनाज के पैकेट वितरित किए, तथा उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, कि मोटे अनाज पोषक तत्वों से समृद्ध होने के साथ-साथ हमारी समृद्ध पारंपरिक खाद्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके नियमित सेवन को दैनिक आहार में शामिल कर स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ॰ प्रगति सक्सेना, सहायक प्राध्यापक, गृह विज्ञान विभाग संघटक राजकीय महाविद्यालय भादपुरा, नवाबगंज ने मोटे अनाज के पोषणीय एवं स्वास्थ्यवर्धक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, कि बाजरा, ज्वार एवं रागी जैसे मोटे अनाज प्रोटीन, आहार रेशा, खनिज तत्वों सहित विभिन्न आवश्यक पोषक तत्वों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उन्होंने छात्राओं को अपने दैनिक आहार में पौष्टिक एवं विविध खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करने तथा स्वस्थ खान-पान की आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ॰ समरीन फातमा, गृह विज्ञान विभाग द्वारा प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। उन्होंने अतिथियों एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, तथा कार्यक्रम के विभिन्न चरणों का सफलतापूर्वक संचालन किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ॰ के के तिवारी, डॉ॰ आनंत प्रकाश, शिक्षकगण, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहीं। सभी प्रतिभागियों ने पोषण, स्वास्थ्य एवं मोटे अनाज के महत्व को समझते हुए कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
इस अवसर पर एमए गृह विज्ञान में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ॰ समरीन फातमा ने सभी छात्राओं एवं प्रतिभागियों को मोटे अनाज को अपने दैनिक आहार का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा इसके पोषणीय महत्व के संदेश को परिवार एवं समाज तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने “हर घर श्री अन्न, हर परिवार स्वस्थ" के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ श्री अन्न (मोटे अनाज) को दैनिक आहार में अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक सार्थक एवं प्रभावी पहल के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फोटो--- कार्यक्रम में मौजूद अतिथि और अन्य।