रिछा और धौराटांडा में बनेंगे नए विद्युत उपकेंद्र
बरेली के रिछा और धौराटांडा में नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों की मंजूरी मिल गई है। प्रत्येक उपकेंद्र पर करीब 1.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे और चार माह में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।
• रिछा और धौराटांडा में नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों को मंजूरी मिली।
• प्रत्येक उपकेंद्र के निर्माण पर करीब 1.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
• चार माह में निर्माण पूरा होने के बाद हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद।
जन माध्यम
रिछा/बरेली। चावल उद्योग के लिए जिले से बाहर तक पहचान रखने वाले रिछा और धौराटांडा कस्बों को जल्द ही बेहतर विद्युत व्यवस्था की सौगात मिलने जा रही है। दोनों स्थानों पर नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। मध्यांचल मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस पहल के लिए रिछा राइस मिलर एसोसिएशन लंबे समय से प्रयासरत था।
मुख्य अधीक्षक अभियंता वितरण बरेली ज्ञान प्रकाश ने बताया कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए जिले में कई विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। रिछा और धौराटांडा में नए उपकेंद्रों की स्थापना के साथ मौजूदा विद्युत ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। इसके तहत नई 33 हजार वोल्ट और 11 हजार वोल्ट लाइनें बिछाई जाएंगी तथा हाई टेंशन लाइनों का विस्तार किया जाएगा।
बिजनेस प्लान 2025-26 के अंतर्गत पुराने उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना और मौजूदा ट्रांसफार्मरों के उन्नयन को भी मंजूरी मिली है। बिजली निगम 100 केवी क्षमता वाले 60 ट्रांसफार्मरों को 250 केवी में परिवर्तित करेगा, जिससे बढ़ते भार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार नए उपकेंद्र शुरू होने के बाद क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और ओवरलोडिंग की समस्या से राहत मिलेगी। स्थानीय फाल्ट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
रिछा राइस मिलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतहर हुसैन नियाजी ने बताया कि रिछा में बनने वाले नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की टेंडर बिडिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब 1.18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस उपकेंद्र का निर्माण कार्य चार माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंजूरी मिलने पर अतहर हुसैन नियाजी समेत राइस मिलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश, एसडीओ सूर्यकांत शर्मा तथा बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के उद्योगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के लिए भी लाभकारी साबित होगी।