करबला के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ जायरीनों का जत्था

सैंथल से आधा दर्जन जायरीन दिल्ली होते हुए करबला की मुकद्दस जियारत के लिए रवाना हुए, कस्बे में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल रहा।

करबला के मुकद्दस सफर पर रवाना हुआ जायरीनों का जत्था
HIGHLIGHTS:

➡️ सैंथल से आधा दर्जन जायरीनों का जत्था रवाना
➡️ दिल्ली होते हुए इराक के करबला के लिए प्रस्थान
➡️ जुलूस की शक्ल में कस्बे से दी गई विदाई
➡️ लोगों ने फूल बरसाकर किया इस्तकबाल

सरफराज़ खान / जन माध्यम

सैंथल (बरेली)। नगर से आधा दर्जन जायरीनों का एक जत्था आज ईराक स्थित करबला की मुकद्दस जियारत के लिए रवाना हुआ। इस मौके पर कस्बे में खासा उत्साह देखने को मिला। जत्थे की रवानगी पर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हुए और जुलूस की शक्ल में कस्बे की गलियों से गुजरते हुए जायरीनों को विदा किया। इस दौरान लोगों ने सफर की कामयाबी और सलामती के लिए दुआएं मांगीं।

चेयरमैन सैंथल कंबर एजाज शानू के चाचा मेहराब अहमद ने बताया कि एक स्थानीय शिया संगठन द्वारा मात्र 200 रुपये में करबला जियारत का कूपन दिया जाता है। इसके बाद कुरंदाजी के माध्यम से चयन किया जाता है। जिनका नाम निकलता है, वही लोग इराक स्थित करबला की जियारत पर जाते हैं। इस बार कुरंदाजी में मेहराब अहमद का नाम निकला, जिसके बाद उनके नेतृत्व में यह जत्था रवाना हुआ।

रवानगी से पूर्व मेहराब अहमद के आवास पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। यहां से जायरीनों को जुलूस की शक्ल में कस्बे में घुमाया गया। जिस गली और सड़क से जत्था गुजरा, वहां लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और जायरीनों पर फूल बरसाकर तथा फूल-मालाएं पहनाकर उनका इस्तकबाल किया। जुलूस के दौरान धार्मिक नारे लगते रहे, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।

खास बात यह रही कि जत्थे में शामिल जायरीनों ने आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया, जिससे भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी गया। इसके बाद जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ, जहां से सभी जायरीन हवाई मार्ग से इराक के लिए प्रस्थान करेंगे। कई लोग जायरीनों को विदा करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट तक भी गए।