बरेली कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों ने 14 अगस्त से भूख हड़ताल की चेतावनी दी
बरेली कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा, विनियमितीकरण और श्रम विभाग के आदेश के अनुपालन की मांग की। मांगें पूरी न होने पर 14 अगस्त से भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
• अस्थाई कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
• केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा, विनियमितीकरण और श्रम विभाग के आदेश के अनुपालन की मांग।
• 10 अगस्त तक समाधान न होने पर 14 अगस्त से भूख हड़ताल की चेतावनी।
जन माध्यम
बरेली। बरेली कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कर्मचारियों ने तीन प्रमुख मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समय पर समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने, कॉलेज में कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों का विनियमितीकरण अथवा रिक्त पदों पर समायोजन किए जाने तथा कार्यालय उपश्रमायुक्त, बरेली मंडल के सहायक श्रमायुक्त बाल गोविंद द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन से कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 10 अगस्त तक तीनों मांगों का समाधान नहीं किया गया तो बरेली कॉलेज के अस्थाई कर्मचारी 14 अगस्त से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार और बरेली कॉलेज प्रबंध समिति की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा, हरीश चंद्र मौर्य सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।