आयुष्मान कार्ड के बावजूद इलाज से इनकार का आरोप, मौत के बाद ₹22 हजार मांगे
बरेली के प्रताप अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड के बावजूद इलाज से इनकार, मौत के बाद ₹22 हजार मांगने और तीमारदार को रोकने के आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ता ने आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के लिए रुपये मांगने का आरोप लगाया।
बुजुर्ग महिला की मौत के बाद ₹22 हजार मांगने और रकम जमा होने तक शव नहीं देने की शिकायत की गई।
तीमारदार को रोकने, कथित रूप से बांधने और जातिसूचक गाली-गलौज के भी आरोप लगाए गए; अस्पताल का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।
जन माध्यम
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मिनी बाईपास स्थित प्रताप अस्पताल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के लिए रुपये मांगने, शव रोकने और एक तीमारदार को अस्पताल में रोककर रखने का आरोप लगाया है। मामले में जातिसूचक टिप्पणी और अभद्रता के आरोप भी लगाए गए हैं।
आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं करने का आरोप
शिकायतकर्ता सचिन सागर के मुताबिक, 18 सितंबर की सुबह उनकी दादी सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए प्रताप अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने अस्पताल में आयुष्मान कार्ड दिखाकर योजना के तहत इलाज कराने का अनुरोध किया। आरोप है कि अस्पताल की ओर से आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से इनकार करते हुए तत्काल रुपये जमा करने का दबाव बनाया गया।
शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे मरीज की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से 22 हजार रुपये की मांग की गई और रकम जमा होने तक शव नहीं देने की बात कही गई।
तीमारदार को रोकने का भी आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान मृतका के एक तीमारदार को अस्पताल में रोककर रखा गया। उसने कथित तौर पर उसे बांधकर रखने और पैसे लाने के लिए दबाव बनाने की भी शिकायत की है।
मामले में जातिसूचक गाली-गलौज के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी जाति पूछे जाने के बाद अस्पताल के मैनेजर ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्रता और धमकी दी।
पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग
बाद में पुलिस के पहुंचने पर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बावजूद तीमारदार को कुछ समय तक अस्पताल में रोके रखा गया। अस्पताल से बाहर निकलने के बाद परिजनों ने थाना इज्जतनगर पहुंचकर लिखित शिकायत दी।
शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज करने के साथ अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने, आयुष्मान कार्ड से जुड़े उपचार एवं भुगतान रिकॉर्ड की जांच तथा तीमारदार को रोकने, कथित रूप से बांधने और जातिसूचक गाली-गलौज के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
खबर लिखे जाने तक अस्पताल के डॉक्टर या प्रबंधन से संपर्क नहीं हो सका। आयुष्मान योजना में अनियमितता समेत लगाए गए अन्य आरोपों पर अस्पताल का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।