बरेली टी.जी.टी परीक्षा: दूसरे की जगह परीक्षा देता मुन्नाभाई गिरफ्तार
बरेली के इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में टीजीटी परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा। आधार कार्ड पर फोटो बदल कर परीक्षा दे रहा सॉल्वर गिरफ्तार।
बरेली के इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा सॉल्वर गिरफ्तार।
आजमगढ़ निवासी प्रमोद, फर्रुखाबाद के मूल अभ्यर्थी विमल की जगह परीक्षा देने पहुंचा था।
बायोमेट्रिक और आईरिस (Iris) मिलान के दौरान विसंगति पाए जाने पर एडीएम सिटी की निगरानी में हुई कार्रवाई।
रविंद्र सिंह, बरेली।
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बुधवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग की ट्रेन ग्रेजुएट टीचर (TGT) परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शहर के इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे एक शातिर सॉल्वर को अधिकारियों की सतर्कता के चलते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े ग ए आरोपी की पहचान आजमगढ़ निवासी प्रमोद के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रमोद फर्रुखाबाद के रहने वाले मूल अभ्यर्थी विमल के स्थान पर प्रथम पाली की परीक्षा देने पहुंचा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थियों का डिजिटल डेटाबेस से सत्यापन किया जा रहा था।
इस संबंध में बरेली के एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाया गया है। जांच के दौरान सामने आया कि पकड़े गए आरोपी ने मूल अभ्यर्थी के आधार कार्ड पर चालाकी से अपनी फोटो लगा रखी थी और इसी फर्जी दस्तावेज के सहारे उसने केंद्र के भीतर प्रवेश पा लिया था।
"आज के समय में किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देकर निकल जाना बिल्कुल असंभव है। प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान जब केंद्र पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस का मिलान मुख्य डेटाबेस से किया गया, तो उसमें भारी विसंगति (Mismatch) पाई गई। बायोमेट्रिक पहचान, थंब इम्प्रैशन और आईरिस (Iris) स्कैनिंग के जरिए तुरंत साफ हो गया कि परीक्षा दे रहा युवक वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है।"
गड़बड़ी पकड़ में आते ही परीक्षा केंद्र पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट और अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रमोद को अपनी हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अब पकड़े गए सॉल्वर प्रमोद से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस कप्तानों और खुफिया तंत्र द्वारा इस बात की गहनता से पड़ताल की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा संगठित सॉल्वर गैंग तो सक्रिय नहीं है? इसके साथ ही मूल अभ्यर्थी विमल की भूमिका और रुपयों के लेनदेन को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। एडीएम सिटी ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और इसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।