बरेली में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा, एक सील

बरेली में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी, हिंद अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, दस्तावेज न दिखाने पर सख्त कदम।

बरेली में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा, एक सील
HIGHLIGHTS:

कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर एक साथ छापेमारी

हिंद अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना दस्तावेज मिला, सील

दो केंद्र निरीक्षण के दौरान बंद पाए गए

अधिकारियों ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

हसीन दानिश । जन माध्यम

बरेली। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्या मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा था? इसी शक ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

जिला अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार 3 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले भर के कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य केंद्रों में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान कुंडरा कोठी स्थित मन्नत अल्ट्रासाउंड, जीवन ज्योति अल्ट्रासाउंड और रिछा क्षेत्र के हर्ष कला अल्ट्रासाउंड केंद्र की जांच की गई। इसके अलावा बहेड़ी क्षेत्र में ग्लोबल, हिंद, यूनिक, मैक्स, लाइफ लाइन, अरोरा, नियाजी और विद्या अल्ट्रासाउंड केंद्रों का भी सघन निरीक्षण किया गया।

इस पूरे अभियान में सबसे बड़ा खुलासा हिंद अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हुआ, जहां संचालक अपना पंजीकरण प्रमाण-पत्र तक नहीं दिखा सका। यह लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी मानी गई। टीम ने बिना देर किए केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

संचालक को तीन दिन के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साफ चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, मैक्स अल्ट्रासाउंड और लाइफ लाइन अल्ट्रासाउंड केंद्र निरीक्षण के समय बंद मिले, जिससे भी संदेह की स्थिति बनी हुई है। हालांकि बाकी सभी केंद्र पंजीकृत पाए गए, लेकिन उन्हें भी नियमों के सख्त पालन की चेतावनी दी गई है।

निरीक्षण टीम में नोडल अधिकारी डॉ. लईक अहमद अंसारी के साथ राहुल शर्मा, राजेश कुमार और विपिन कुमार शामिल रहे।

अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर कठोरतम कार्रवाई तय है।

यह छापेमारी सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई नहीं चलेगी। सवाल यही है कि आखिर अब तक कितने केंद्र ऐसे ही नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे?