एफआरके आपूर्ति में लापरवाही
एफआरके आपूर्ति में भारी विलम्ब से धान क्रय प्रभावित, विभाग ने कंपनी की बैंक गारंटी जब्त कर सख्त चेतावनी जारी की।
➡️ कंपनी की सिर्फ 5% एफआरके आपूर्ति
➡️ विभाग ने बैंक गारंटी जब्त की
➡️ लगातार विलम्ब से धान क्रय प्रभावित
➡️ चेतावनी—अब सुधार न हुआ तो डिबार
➡️ पोषक चावल उत्पादन बाधित होने पर सख्त कदम
विलम्बित आपूर्ति से धान क्रय प्रभावित, विभाग ने जब्त की बैंक गारंटी
जन माध्यम
बरेली। मण्डल में क्रय किए गए धान से तैयार होने वाले पोषक तत्वयुक्त चावल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राइस मिलों को एफआरके पोषक दाना उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हरियाणा के पंचकूला जनपद की कंपनी फ्रेश एग्रो फूड को पाँच सौ मीट्रिक टन एफआरके की आपूर्ति के लिए चुना गया था। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी कंपनी ने मात्र 28.75 मीट्रिक टन सामग्री ही भेजी, जो कुल आवंटित मात्रा का केवल पाँच दशमलव पचहत्तर प्रतिशत है। आपूर्ति में इस अत्यधिक विलम्ब के कारण राइस मिलें भारतीय खाद्य निगम को पोषक तत्वयुक्त चावल उपलब्ध नहीं करा सकीं। इसके परिणामस्वरूप धान क्रय केन्द्रों पर धान का बड़े पैमाने पर जमाव होने लगा और धान क्रय कार्य प्रभावित हुआ। यह स्थिति मंडल स्तर पर खाद्य आपूर्ति व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गई। कंपनी की इस लापरवाही और शिथिलता को देखते हुए सम्भागीय खाद्य नियंत्रक,डॉ. मनिकंडन ए. आई.ए.एस.ने कड़ा कदम उठाते हुए विभाग में जमा कंपनी की बैंक गारंटी राशि दो लाख अठहत्तर हजार चार सौ सैंतीस रुपये जब्त करने का आदेश दिया। साथ ही यह स्पष्ट चेतावनी भी दी गई कि यदि एफआरके आपूर्ति में तुरंत सुधार नहीं हुआ तो कंपनी के विरुद्ध ब्लैकलिस्ट करने एवं काली सूची में शामिल करने की कार्यवाही की जाएगी। विभागीय कार्रवाई ने संदेश दिया है कि पोषण सम्बंधित योजनाओं में ढिलाई किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जनता को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता व आपूर्ति से कोई समझौता नहीं होगा।