करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला पवन शर्मा छह साल बाद गिरफ्तार। हैदराबाद में 1.10 करोड़ की साइबर ठगी सहित 12 जिलों में दर्ज मामले।
➡️ करोड़ों की प्लॉट ठगी कर फरार चल रहा आरोपी पवन शर्मा छह साल बाद गिरफ्तार।
➡️ हैदराबाद में 1.10 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में भी पकड़ा जा चुका है।
➡️ 12 जिलों में ठगी, गबन, जालसाज़ी के कई मामले दर्ज।
➡️ किस्तों में रकम लेकर ऑफ़िस बंद कर गायब हो जाता था पूरा गिरोह।
➡️ प्रेमनगर पुलिस ने घेराबंदी कर झुमका चौराहे से दबोचा।
बरेली से हैदराबाद तक फैला था पवन शर्मा का ठगी नेटवर्क
जन माध्यम
बरेली। प्लॉट देने के नाम पर करोड़ों रुपये डकारकर फरार चल रहा शातिर ठग पवन शर्मा आखिरकार छह साल बाद पुलिस के जाल में फंस ही गया। मंगलवार सुबह झुमका चौराहे पर प्रेमनगर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। लोगों को सपनों के घर का भरोसा दिलाकर उनकी आजीवन जमा पूंजी लूटने वाला यह आरोपी अब कानून के शिकंजे में है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि 10-11 में पवन शर्मा ने प्रेस्टीज इंफ्रा डेवलपर्स और प्रेस्टीजियस आवासीय समिति के नाम से चतुराई से कंपनी खड़ी की। ऑफिस चौधरी कॉम्प्लेक्स में खोला गया जहां रिश्तेदारों को स्टाफ बनाकर भरोसा मजबूत किया गया। प्लॉट की किस्तें जमा कराई गईं, रसीदें दी गईं और लोगों को जमीन दिखाने के नाम पर मीठे सपने बेचे गए। लेकिन जैसे ही करोड़ों की रकम हाथ लगी शटर गिरा और कंपनी रातों रात गायब।
2019 में जब लोगों का सब्र टूटा और धोखाधड़ी का पूरा खेल सामने आया तो प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन तब तक पवन हवा हो चुका था। छह साल से पुलिस की पकड़ से बचता यह आरोपी अलग अलग शहरों में अपना मायाजाल फैलाता रहा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने बड़ा खुलासा किया हैदराबाद में 1 करोड़ 10 लाख की साइबर ठगी में भी वह पकड़ा जा चुका है। यानी बरेली से लेकर दक्षिण भारत तक उसकी ठगी की जड़ें फैली हुई थीं। उस पर ठगी, जालसाजी, गबन और धमकी के कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। बरेली, कासगंज, शाहजहांपुर, खीरी, वाराणसी, रामपुर, बदायूं और पीलीभीत में उसकी ठगी की अलग अलग परतें उजागर हुई हैं।
पवन ने बताया कि हर शहर में ऑफिस खोलकर किस्तों में पैसा वसूला जाता था ताकि शिकायत देर से हो और जब रकम मोटी हो जाती, वह पूरे गैंग समेत भाग जाता।
मंगलवार सुबह 9:30 बजे प्रेमनगर इंस्पेक्टर प्रयागराज सिंह, उपनिरीक्षक मो. सरताज, आशीष कुमार और कांस्टेबल अनित व अनुराग ने मिलकर कार्रवाई की और इस ठग के साम्राज्य का ताला हमेशा के लिए बंद कर दिया।