राजश्री अस्पताल का मानवीय प्रयास

रिठौरा स्थित राजश्री अस्पताल में आयोजित निःशुल्क नेत्र शिविर में 260+ मरीजों की जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मोतियाबिंद, ग्लूकोमा व रेटिना रोगों की स्क्रीनिंग की।

राजश्री अस्पताल का मानवीय प्रयास
HIGHLIGHTS:

➡️ राजश्री अस्पताल में निःशुल्क नेत्र शिविर में 260 से अधिक मरीजों की जांच।
➡️ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना रोगों की स्क्रीनिंग की।
➡️ चयनित मरीजों के ऑपरेशन भी अस्पताल करेगा पूरी तरह निःशुल्क।
➡️ बीपी, शुगर और आवश्यक दवाइयाँ भी मुफ्त उपलब्ध कराई गईं।
➡️ चेयरमैन व अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर सेवा को सराहा।

260 से अधिक मरीजों को मिली नई रोशनी की उम्मीद

जन माध्यम 
रिठौरा।बरेली। रिठौरा राजश्री हॉस्पिटल एंड इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज में मंगलवार को आयोजित निःशुल्क मोतियाबिंद, ग्लूकोमा एवं कालापानी परीक्षण शिविर क्षेत्र के मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा। सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक चले इस शिविर में करीब 260 मरीजों की आंखों की बारीकी से जांच की गई। मुख्य चिकित्सक डॉ. सुमी भटनागर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों को परामर्श दिया और उच्च स्तरीय मशीनों से नेत्र परीक्षण किए। शिविर के दौरान संस्थान के चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल, सचिव राकेश कुमार अग्रवाल और अन्य अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुविधाओं का निरीक्षण किया। चेयरमैन ने कहा कि राजश्री हॉस्पिटल आसपास के क्षेत्रों को सर्वोत्तम नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्यरत है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी मरीज पैसे के अभाव में अपनी रोशनी न खोए। शिविर में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, कालापानी, भैंगेपन, पलक ढीलापन प्टोसिस, रेटिना और नासूर समेत तमाम नेत्र रोगों की जांच की गई। मरीजों के बीपी और शुगर की भी निःशुल्क जांच हुई। अस्पताल द्वारा सभी मरीजों को आवश्यक दवाइयां भी बिना किसी शुल्क के प्रदान की गईं।
सबसे खास बात यह रही कि शिविर में जो मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित हुए, उनका मोतियाबिंद और अन्य आवश्यक ऑपरेशन भी पूरी तरह निःशुल्क किए जाएंगे।
इस सेवा कार्य में रजिस्ट्रार दुष्यंत माहेश्वरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शरद खंडेलवाल, उप अधीक्षक डॉ. सुमिता सिंह, डॉ. शमी परवार, डॉ. अभिनव गंगवार, डॉ. देवेश गंगवार, डॉ. आकांक्षा मणि, डॉ. रोहित सिंह, जागन सिंह और प्रभात सहित पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा।