मौत ने छुआ, ज़िंदगी जीत गई

पीलीभीत हाईवे पर गन्ने से लदा ट्रक पलटने से कार दब गई, हाफिजगंज निवासी नौशाद अली सुरक्षित बाहर निकाले गए।

मौत ने छुआ, ज़िंदगी जीत गई
HIGHLIGHTS:

➡️ पीलीभीत हाईवे पर गन्ने से लदा ट्रक पलटा
➡️ कार गन्ने के ढेर के नीचे दबी
➡️ हाफिजगंज निवासी नौशाद अली सुरक्षित निकले

जन माध्यम 
बरेली।
शाम का वक्त था। सूरज ढल रहा था और पीलीभीत हाईवे पर रोज़मर्रा की तरह गाड़ियां अपनी रफ्तार से गुजर रही थीं। तभी हाफिजगंज थाना क्षेत्र में ऐसा मंजर सामने आया, जिसने कुछ पलों के लिए हर सांस को थाम दिया। पीलीभीत की ओर से आ रहा गन्ने से लदा एक भारी ट्रक अचानक अनियंत्रित हुआ, पलटा और सामने से आ रही एक कार पर कहर बनकर टूट पड़ा। ट्रक के साथ ही उस पर लदा गन्ना कार के ऊपर पहाड़ की तरह आ गिरा। देखते ही देखते कार गन्ने के नीचे दबकर लगभग गायब हो गई।
मौके पर अफरा तफरी मच गई। चीख पुकार गूंज उठी। लोगों को लगा कि कार में बैठे लोग जिंदा नहीं बच पाए होंगे। हर आंख डर और बेचैनी से भरी थी। लेकिन उसी डर के सन्नाटे में ईश्वर ने चमत्कार दिखाया। कार में सवार हाफिजगंज निवासी नौशाद अली को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्हें सिर्फ मामूली चोटें आईं, जबकि इतनी भीषण दुर्घटना में जान बच जाना किसी करिश्मे से कम नहीं था। इस बचाव में इंसानियत ने भी अपनी भूमिका निभाई। एंबुलेंस चालक फुरकान ने बिना जान की परवाह किए राहत कार्य में पूरा सहयोग किया। पुलिस, स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मिलकर गन्ने के ढेर को हटाया और नौशाद को बाहर निकाला। हर हाथ मदद के लिए आगे बढ़ा और वही हाथ एक जिंदगी को मौत के मुंह से खींच लाए। स्थानीय लोगों  के अनुसार, कार बरेली से नवाबगंज की ओर जा रही थी, जबकि ट्रक पीलीभीत से बरेली आ रहा था। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग या गन्ने के बंधन में लापरवाही हादसे की वजह मानी जा रही है। दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने जेसीबी की मदद से खुलवाया। यह हादसा एक चेतावनी भी है। गन्ना सीजन में ओवरलोड ट्रकों की लापरवाही किसी भी पल जानलेवा बन सकती है। आज ईश्वर की कृपा से एक जान बच गई, लेकिन ऐसी लापरवाहियां कब तक माफ होंगी? जिंदगी सबसे कीमती है, और उसे बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।