जहरीले तेल का खेल उजागर

बरेली खाद्य मिलावट मामले में बार-बार इस्तेमाल हो रहे तेल पर छापा, एफएसडीए ने नमूने लेकर जांच शुरू की।

जहरीले तेल का खेल उजागर
जहरीले तेल का खेल उजागर
HIGHLIGHTS:

एक ही तेल में बार-बार तलने की शिकायत

त्यागी रेस्टोरेंट पर एफएसडीए की छापेमारी

तेल और समोसे के नमूने जांच के लिए भेजे

नकली अंडों की शिकायतें बेबुनियाद निकलीं

हसीन दानिश। जन माध्यम
बरेली।
लोगों की थाली में परोसा जा रहा स्वाद कब जहर बन जाए, इसका अंदाजा अब बरेली की सड़कों पर मिल रही तली-भुनी चीजों से लगाया जा सकता है। सेहत से खिलवाड़ का यह खेल अब खुलकर सामने आने लगा है।

शहर में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि दुकानदार एक ही वनस्पति तेल को बार-बार गर्म कर उसमें पकौड़ी, समोसा और भटूरा तल रहे हैं। इस प्रदूषित तेल का सेवन मजबूरी में आम लोग कर रहे हैं, जबकि इसके गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव किसी से छिपे नहीं हैं।

पुराना रोडवेज बस स्टैंड स्थित त्यागी रेस्टोरेंट को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आईं। आरोप है कि यहां एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल कर खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे, जिससे ग्राहकों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा था।

मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आया। सहायक आयुक्त अक्षय गोयल के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें अनिल प्रताप सिंह, राकेश कुमार और इन्द्रजीत सिंह शामिल रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और वनस्पति तेल तथा समोसे के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए।

दूसरी ओर नकली अंडों की शिकायतों को लेकर भी पूरे जिले में अभियान चलाया गया। गौटिया, शहदाना, रोहिली टोला, फतेहगंज, फरीदपुर और बहेड़ी बाजार सहित कई क्षेत्रों में दर्जनों अंडा विक्रेताओं के यहां जांच की गई, लेकिन कहीं भी नकली अंडे नहीं मिले।

अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक लोग ऐसे ही संदिग्ध तेल में बने खाद्य पदार्थ खाते रहेंगे।

शहर में बढ़ती मिलावटखोरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आम जनता अब सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रही है, ताकि खाने-पीने की चीजों में हो रहे इस खतरनाक खेल पर पूरी तरह रोक लग सके।