संचारी रोगों के खिलाफ अभियान शुरू, निकली जागरूकता रैली
अक्टूबर में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान शुरू हुआ। जागरूकता रैली के जरिए साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
300 बेड अस्पताल से जागरूकता रैली निकालकर अक्टूबर के विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया।
एक से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण और 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलेगा।
एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, नालियों की सफाई और घर-घर जागरूकता पर रहेगा जोर।
जन माध्यम
बरेली। बदलते मौसम के बीच संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। अक्टूबर माह में चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल और मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने 300 बेड अस्पताल से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के जरिए लोगों को बीमारी से बचाव, स्वच्छता और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश दिया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद नहीं, बल्कि इसी अवधि में 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान भी संचालित किया जाएगा। अभियान का मकसद सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि उसके खतरे को घर की चौखट तक पहुंचने से पहले रोकना है।
जिले के नगरीय और ग्रामीण इलाकों में मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जाएगा। जरूरत के अनुसार फॉगिंग भी होगी। इसके साथ नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और जलभराव वाले स्थानों पर जरूरी कार्रवाई कराई जाएगी, ताकि मच्छरों के पनपने की गुंजाइश कम की जा सके।
अभियान की असली तस्वीर तभी बदलेगी, जब जागरूकता सरकारी दफ्तरों से निकलकर लोगों के घरों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग की टीमें घर-घर दस्तक देंगी। लोगों को संचारी रोगों के लक्षण, बचाव के उपाय और समय रहते उपचार लेने की जरूरत के बारे में जानकारी दी जाएगी।
लोगों से अपील की जाएगी कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें, नियमित साफ-सफाई रखें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतते हुए तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। अभियान में शिक्षा, कृषि, पशुपालन समेत अन्य संबंधित विभागों को भी जोड़ा गया है। अलग-अलग विभाग अपने स्तर से जरूरी सहयोग करेंगे, ताकि अभियान का असर जमीनी स्तर तक दिखाई दे और लोगों को समय रहते बीमारी से बचाव की जानकारी मिल सके।
अभियान के शुभारंभ के दौरान 300 बेड अस्पताल के अधीक्षक, एसएमओ डब्ल्यूएचओ, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, मंडलीय सर्विलांस अधिकारी, नोडल एनयूएचएम, जिला मलेरिया अधिकारी, सहायक मलेरिया अधिकारी, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक, मलेरिया निरीक्षक समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अभियान के जरिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि बीमारी के बढ़ने का इंतजार करने के बजाय उसके संभावित खतरे को पहले ही थामा जाए। स्वच्छ माहौल, जागरूक परिवार और समय पर उपचार ही संचारी रोगों के खिलाफ सबसे मजबूत ढाल बन सकते हैं।