मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की मांग पर फिर बोले शहाबुद्दीन रजवी
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अखिलेश यादव से 2027 में मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने और मुस्लिम बहुल सीटों पर प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग दोहराई।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने 2027 के लिए मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की मांग दोहराई।
उन्होंने अखिलेश यादव से वक्फ संपत्तियों से जुड़े अपने सवालों पर भी जवाब मांगा।
रजवी ने मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों में अधिक मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग रखी।
जन माध्यम
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुस्लिम मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग दोहराई है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि करीब दो माह पहले उन्होंने अखिलेश यादव को पत्र भेजकर दो मुद्दों पर जवाब मांगा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इसी तरह की मांग को लेकर वह जून 2026 में भी पत्र भेज चुके हैं।
मौलाना ने कहा कि पत्र में 2027 में किसी मुस्लिम चेहरे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने और वक्फ संपत्तियों से जुड़े कथित घोटाले के आरोपों पर जवाब मांगा गया था। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से पत्र पहुंचने के बावजूद दोनों मुद्दों पर सपा अध्यक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने स्तर पर भी सवालों के जवाब देने चाहिए। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है।
मौलाना रजवी ने कहा कि उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी 22 प्रतिशत और यादव आबादी सात प्रतिशत है। उन्होंने आबादी के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग करते हुए मुस्लिम बहुल 150 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम उम्मीदवार घोषित करने की मांग रखी। उपलब्ध आधिकारिक जनगणना आंकड़े 2011 के हैं, इसलिए ये प्रतिशत यहां उनके दावे के रूप में ही प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में मुस्लिम समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और अब इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।