पेंशनर्स अटकी तो होगी कार्रवाई:एडीजी
एडीजी रमित शर्मा ने बरेली ज़ोन के 3554 पुलिस पेंशनर्स की फाइलों की समीक्षा की, लंबित मामलों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश।
➡️ एडीजी रमित शर्मा ने 3554 पुलिस पेंशनर्स की फाइलों की समीक्षा की
➡️ लंबित पेंशन प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश
➡️ अधिकारियों को चेतावनी: देरी या बहानेबाज़ी बर्दाश्त नहीं
➡️ पेंशनर्स से नियमित संवाद और घर जाकर समस्या समाधान की बात
➡️ सभी जिले तुरंत लंबित मामलों की समीक्षा कर निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करें
3554 पुलिस पेंशनर्स की समस्याओं पर एडीजी की सीधी निगाह
जन माध्यम
बरेली। पुलिस की वर्दी उतारने के बाद भी उनका सम्मान कम नहीं होना चाहिए यही सोच लिए एडीजी ज़ोन रमित शर्मा मंगलवार को पेंशनर्स की समस्याओं की समीक्षा करते हुए दिखाई दिए। तीखे अंदाज़ में सीधे सरल शब्दों में कहें तो जिसने पूरी उम्र ड्यूटी निभाई,अब उसकी फाइलें धूल खाती रहें यह अब नहीं चलेगा। एडीजी रमित शर्मा ने हाइब्रिड मोड पर आयोजित विशेष गोष्ठी में जो सख़्त लहजा अपनाया, उसने साफ कर दिया कि पुलिस पेंशनर्स की फाइलों में अब कोई भी अधिकारी हीलाहवाली नहीं कर पाएगा। उन्होंने चेताया पेंशन में देरी,अनदेखी या बहानेबाज़ी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं। बैठक में बरेली ज़ोन के सभी जनपदों के नोडल अधिकारी, पेंशनर्स प्रतिनिधि और लिंक अधिकारी मौजूद रहे। एडीजी ने बिंदुवार समीक्षा की
लंबित प्रकरण,भुगतान में देरी,
दस्तावेज़ सत्यापन शिकायतों की स्थिति उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतें सिर्फ फाइलों में टिक न जाएँ, बल्कि तय समय सीमा में हल हों। अधिकारी पेंशनर्स से फोन पर नियमित संवाद बनाए रखें और ज़रूरत पड़े तो उनके घर जाकर समस्या का समाधान करें।
3554 पेंशनर्स, हर एक की फाइल पर एडीजी की सीधी निगाह
जोन में कुल 3554 पुलिस पेंशनर्स पंजीकृत हैं,बरेली 484,बदायूं 465, पीलीभीत 146, शाहजहांपुर 168, मुरादाबाद 1053,
बिजनौर 620, रामपुर 139,
अमरोहा 218, सम्भल 260,
एडीजी ने कहा इनमें से हर एक ने अपना जीवन जोखिम में डालकर पुलिस सेवा की है। अब उनकी फाइलों में देरी उनके सम्मान से खिलवाड़ है,और यह किसी भी कीमत पर मंज़ूर नहीं। नोडल अधिकारियों को अंतिम चेतावनी
गोष्ठी के अंत में एडीजी ने दो टूक कहा जो भी अधिकारी पेंशन मामलों में देरी करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। पेंशनर्स की समस्याएँ ‘कल देखेंगे वाली मानसिकता से नहीं, तत्काल हल होंगी। सभी जिले लंबित मामलों की तुरंत समीक्षा कर निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करें। एडीजी रमित शर्मा का यह कदम पुलिस विभाग में एक मजबूत संदेश देता है, सेवा का सम्मान कागज़ों से नहीं, संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई से होता है।