भोले के भक्तों के स्वागत में सजा जिला

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता, बीडीए की तैयारियां युद्धस्तर पर

भोले के भक्तों के स्वागत में सजा जिला
HIGHLIGHTS:

बीडीए उपाध्यक्ष ने प्रमुख कांवड़ मार्गों का किया स्थलीय निरीक्षण।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर।

भंडारा, चिकित्सा शिविर, मोबाइल टॉयलेट और पेयजल सहित कई सुविधाओं की तैयारी।

 

जन माध्यम 
बरेली।
सावन की रिमझिम फुहारों के बीच जब लाखों शिवभक्त अपने कंधों पर आस्था की कांवड़ लेकर भोलेनाथ के जयकारों के साथ आगे बढ़ेंगे, तब उनकी राह केवल सड़कों से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संवेदनाओं से भी रोशन होगी। इसी जज़्बे को साकार करने के लिए बीडीए की उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए अधिकारियों के साथ प्रमुख कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया और स्पष्ट संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा से बड़ा कोई दायित्व नहीं।
शाहजहांपुर रोड, बदायूं रोड, रामपुर रोड और बीसलपुर रोड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि हर मार्ग सुरक्षित, स्वच्छ और निर्बाध हो। कहीं कंकड़, गिट्टी या अवरोध श्रद्धालुओं की आस्था की राह में रुकावट न बनें। सड़कें समतल हों, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रहे, जल निकासी बेहतर हो और यातायात बिना किसी बाधा के संचालित हो। निर्माणाधीन पीलीभीत बाईपास के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रा के दौरान किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिले को शिवमय स्वरूप देने के लिए शहर के चारों प्रवेश द्वारों का आकर्षक सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। पुष्प सज्जा, भव्य विद्युत प्रकाश, भगवान शिव के भजनों से गूंजता वातावरण और श्रद्धालुओं के लिए विकसित किए जा रहे सेल्फी प्वाइंट इस बात का एहसास कराएंगे कि बरेली केवल एक शहर नहीं, बल्कि मेहमाननवाज़ी और श्रद्धा का दरवाज़ा है। कछला और हरिद्वार की ओर से आने वाले कांवड़ियों का भव्य स्वागत भी विशेष रूप से किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए भंडारा, विश्राम स्थल, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, मोबाइल टॉयलेट, मोबाइल चार्जिंग हब, शुद्ध पेयजल, कांवड़ स्टैंड और अंगवस्त्र वितरण जैसी सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यवस्था समय से पूरी हो और यात्रा के दौरान लगातार निगरानी तथा समन्वय बनाए रखा जाए।
आस्था की राह में सेवा ही सबसे बड़ी इबादत मानी जाती है। बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडे की सक्रिय कार्यशैली इसी सोच को मजबूती देती दिखाई दे रही है। उनका प्रयास केवल व्यवस्थाएँ तैयार करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बरेली आने वाला हर शिवभक्त अपने साथ इस शहर की ख़ुलूस भरी मेहमाननवाज़ी, बेहतर इंतज़ाम और आत्मीयता की ऐसी याद लेकर लौटे, जो बरसों तक उसके दिल में महफ़ूज़ रहे।